आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण 1,919 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री नायडू ने बृहस्पतिवार देर रात अधिकारियों के साथ चक्रवात के बाद की स्थिति की समीक्षा की और उन्हें राहत व बहाली के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने पर जोर दिया। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लगातार आए दो चक्रवातों ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ के बाद किसानों तथा निवासियों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। बृहस्पतिवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में नायडू के हवाले से कहा गया, ”हम चक्रवात ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए बापटला और गुंटूर जिलों के चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। प्रारंभिक तौर पर राज्य को लगभग 1,918.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।” अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात से संबंधित घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 1.4 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई हैं, जिससे 1.8 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। वहीं 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती को नुकसान पहुंचा है, जिससे 12,586 किसान प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण 983 मकान, 346 नौकाएं और 220 मछली पकड़ने के जाल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसल के नुकसान का सटीक आकलन करने में 48 से 72 घंटे का समय और लगेगा।
आंध्र प्रदेश मध्य बिजली वितरण कंपनी के प्रभावित 11-केवी के 1,103 फीडर में से 871 को बहाल कर दिया गया है, जबकि क्षतिग्रस्त हुए बिजली के 3,946 खंभों में से 1,493 की मरम्मत कर दी गई है। सड़क एवं भवन विभाग ने प्रमुख जिला सड़कों और राज्य राजमार्गों की 760 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी है, जबकि सभी 206 चिह्नित स्थानों पर गिरे हुए पेड़ों को हटा दिया गया है।
पंचायत राज विभाग ने 204 किलोमीटर में 74 ग्रामीण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी है, जिसकी मरम्मत पर 92 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बृहस्पतिवार तक राज्य के 31,428 टेलीकॉम टावर में से 30,518 चालू थे, जिससे 97 प्रतिशत सेवाएं बहाल हो गई हैं। बापटला, प्रकाशम और पश्चिम गोदावरी जिलों में कुछ स्थानों पर बहाली का काम लंबित है।