वाशिंगटन. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंगलवार को कहा कि अल कायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी का अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा जाना इस बात का सुबूत है कि युद्ध के बिना भी आतंकवाद को समाप्त किया जा सकता है. पूर्व राष्ट्रपति ने इसके साथ ही अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों के एक मास्टरमाइंड को सजा देने और इस अभियान में किसी नागरिक के हताहत नहीं होने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की सराहना की.
अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों की साजिश अल-जÞवाहिरी और ओसामा बिन-लादेन ने मिलकर रची थी. ओसामा बिन-लादेन को अमेरिका ने 2011 में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में एक अभियान में मार गिराया था. जÞवाहिरी अमेरिकी कार्रवाई में ओसामा बिन-लादेन के मारे जाने के बाद अल-कायदा का सरगना बना था.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को घोषणा की कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा काबुल में शनिवार शाम किए गए ड्रोन हमले में जÞवाहिरी मारा गया. जÞवाहिरी काबुल स्थित एक मकान में अपने परिवार के साथ छिपा था. अधिकारियों ने बताया कि जिस वक्त मकान पर ड्रोन हमला हुआ, जवाहिरी बालकनी में खड़ा था.
ओबामा ने ट्वीट किया, ‘‘आज रात की खबर इस बात का भी सुबूत है कि अफगानिस्तान में युद्ध लड़े बिना भी आतंकवाद को समाप्त करना संभव है. और मुझे उम्मीद है कि यह 9/11 के हमले में मारे गए लोगों के परिवारों और उन सभी को कुछ राहत पहुंचाएगा, जो अल कायदा के हाथों प्रताड़ित हुए हैं.’’