चीन के रक्षा मंत्री एक महीने से लापता; मंत्रालय ने कहा ‘पता नहीं’

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 28 Sep 2023 07:33 PM
चीन के रक्षा मंत्री एक महीने से लापता; मंत्रालय ने कहा ‘पता नहीं’
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बीजिंग. चीन के रक्षा मंत्री पिछले एक महीने से परिदृश्य से गायब हैं और रक्षा मंत्रालय ने अब जाकर इस मामले पर सार्वजनिक रूप से पहली टिप्पणी की है. इस टिप्पणी में भी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें ‘ स्थिति की जानकारी नहीं है.’ वरिष्ठ कर्नल एवं मंत्रालय के सूचना कार्यालय के निदेशक वु छियान से मासिक संवाददाता सम्मेलन में जब यह पूछा गया कि भ्रष्टाचार को लेकर क्या ली शांगफु के खिलाफ अब भी जांच जारी है और क्या वह अब भी रक्षा मंत्री हैं, तो उन्होंने (वु ने) केवल एक वाक्य का जवाब दिया.

वु ने एक विदेशी मीडिया संस्थान के पत्रकार द्वारा पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए कहा, ”आपने जिस स्थिति का जिक्र किया है उससे मैं अवगत नहीं हूं.” मार्च में नये मंत्रिमंडल को नामित किये जाने पर ली रक्षा मंत्री बने थे. वह 29 अगस्त को एक भाषण देने के बाद से नजर नहीं आये हैं. वह इस साल लापता होने वाले दूसरे मंत्री हैं. उनसे पहले, विदेश मंत्री छिन कांग लापता हो गये थे, जिन्हें जुलाई में पद से हटा दिया गया था.

चीन सरकार ने उन्हें पद से हटाये जाने का कोई कारण नहीं बताया है, ना ही इस बारे में कुछ बताया है कि वे दोनों (कांग और ली) अचानक सार्वजनिक जीवन से क्यों गायब हो गए. इस बारे में अब तक कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि क्या उनका लापता होना चीन की विदेश या रक्षा नीतियों में किसी प्रकार के बदलाव का संकेत है?

चीन में अधिकारियों और आम लोगों का इस तरह लापता हो जाना कोई असमान्य घटना नहीं है और किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोपों की घोषणा के कुछ महीनों बाद अक्सर ऐसा देखने को मिलता है. लेकिन दो मौजूदा मंत्रियों का बहुत कम समय के अंतराल पर एक-एक कर लापता होना असमान्य बात है.

जापान में अमेरिकी राजदूत, आर. इमैनुएल ने इस महीने की शुरूआत में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के मंत्रिमंडल को अब अगाथा क्रिस्टी के उपन्यास ‘एंड देन देयर वर नन’ से जोड़ कर देखा जा सकता है.

इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वु ने अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जताई गई इन चिंताओं को तवज्जो नहीं दी कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच स्पष्ट संवाद माध्यम नहीं हैं. उन्होंने कहा कि समस्या संवाद की कमी नहीं है, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों को वापस पटरी पर लाने के तरीके में अमेरिका द्वारा बदलाव करने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ”अमेरिका हमेशा ही अपना वर्चस्व चाहता है ताकि वह अपनी मनमर्जी कर सके.” वु ने यह भी कहा कि बृहस्पतिवार को स्वदेश निर्मित प्रथम पनडुब्बी के अनावरण के साथ ताईवान अपनी तबाही के रास्ते पर बढ़ रहा है. वु ने संवाददाता सम्मेलन की शुरूआत अगले महीने बीजिंग में एक वैश्विक सुरक्षा सम्मेलन के बारे में घोषणा कर की. लेकिन वह एक और विदेशी मीडिया के संवाददाता के इस सवाल को टाल गये कि क्या रक्षा मंत्री इसमें शरीक होंगे. प्रवक्ता ने कहा, ”हम बीजिंग शियांगशान फोरम के बारे में आने वाले समय में जानकारी साझा करेंगे.”

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