यरूशलम. हमास ने पांच बंधकों को मुक्त कर दिया है. ऐसे में 200 से अधिक अन्य बंधकों के परिवार वालों के मन में भी उम्मीद की किरण जगी है. सात अक्टूबर को दक्षिण इजराइल पर चरमपंथियों ने हमले के बाद सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया था. हालांकि, बंधकों के परिजनों के मन में अब भी कई सवाल हैं. उनका कहना है कि बंधकों को रिहा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है और क्यों कुछ ही लोगों को रिहा किया जा रहा है? उनके मन में इस बात का भी डर है कि कहीं इजराइल की ओर से गाजा पट्टी पर की जा रही बमबारी उनके प्रियजनों के लिए खतरा न बन जाये. इजराइल ने 30 अक्टूबर को पहली बार एक बंधक को मुक्त कराये जाने की औपचारिक घोषणा की थी.
हमास ने हाल ही में जिन लोगों को मुक्त किया उसमें 59 वर्षीय अमेरिकी जूडिथ रानान और उनकी 18 वर्षीय बेटी नताली शामिल हैं. इसके अलावा 85 वर्षीय योचेवेद लिफशिटज और 79 वर्षीय नुरिट कूपर को भी रिहा कर दिया है, लेकिन उनके पति अभी भी बंधक हैं.
हमास ने कहा है कि वह इजराइल द्वारा कैद किये हजारों फलस्तीनियों को रिहा करने के बदले में अन्य बंधकों को मुक्त कर देगा, लेकिन इजराइल ने इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है.