यरूशलम. युद्धग्रस्त गाजा से एक भारतीय महिला को सकुशल निकाला लिया गया है. कश्मीर निवासी इस महिला ने हमास शासित गाजा से तत्काल निकासी की मांग की थी. महिला के पति ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय दूतावासों की मदद से वह सुरक्षित तरीके से मिस्र पहुंच गई है.
लुबना नजीर शाबू और उनकी बेटी करीमा ने सोमवार शाम गाजा की सीमा पर स्थित ‘राफा क्रासिंग’ को पार करके मिस्र का रुख किया. लुबना के पति नेदाल टोमन ने गाजा से पीटीआई को भेजे गए एक लिखित संदेश में कहा, ”दोनों अब अल-अरिश (मिस्र का एक शहर) में हैं. कल सुबह (मंगलवार) वे काहिरा चली जाएंगी.” पीटीआई से रविवार को फोन पर बातचीत में लुबना ने कहा कि उनका नाम उन लोगों की सूची में शामिल था जो गाजा छोड़ना चाहते थे और उन्होंने इसे संभव बनाने के लिए क्षेत्र के रामल्लाह, तेल अवीव और काहिरा स्थित भारतीय दूतावासों को बहुत धन्यवाद दिया.
लुबना ने 10 अक्टूबर को पीटीआई से फोन के जरिये संपर्क करके गाजा से निकलने में मदद का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा, ”हम जघन्य युद्ध का सामना कर रहे हैं और हर चीज को नष्ट किया जा रहा है. लगभग हर सेकंड बमबारी होती है.” उन्होंने कहा था कि नौ अक्टूबर की आधी रात पानी की आपूर्ति आधिकारिक तौर पर रोक दी गई और वे लोग बिना बिजली आपूर्ति के रहे. इसके बाद उन्होंने दक्षिण की तरफ जाने का फैसला किया और वहां से निकलने के लिए मदद की मांग की.