दीर अल-बलाह. उग्रवादी संगठन हमास ने शुक्रवार को संघर्ष विराम समझौते के तहत बंधकों के पहले समूह को रिहा कर दिया है जिसमें 13 इजराइली भी शामिल हैं. इजराइली मीडिया ने यह जानकारी दी. इन बंधकों को लगभग सात सप्ताह से गाजा पट्टी में रखा गया था. मीडिया ने इजराइली सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी. थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन ने बताया कि 12 थाई नागरिकों को भी रिहा किया गया.
हमास और इजराइल के बीच चार दिन के संघर्ष विराम के दौरान कुल 50 बंधकों को रिहा किया जाएगा. समझौते के तहत इजरायल अगले चार दिनों में 150 फलस्तीनियों को रिहा करेगा. शुक्रवार को 39 कैदियों को रिहा किया जाना है. संघर्ष विराम शुरू होने के बाद के घंटों में कहीं से लड़ाई की खबर नहीं है. इस संघर्ष विराम से गाजा के 23 लाख लोगों को राहत मिलेगी जो पिछले कुछ हफ्तों से इजराइल द्वारा की जा रही बमबारी और मूलभूत जरूरतकी आपूर्ति की कमी से जूझ रहे थे. वहीं चिंताएं इजराइल में भी कम नहीं थीं जहां लोग सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद बंधक बनाए गए लोगों की सलामती को लेकर परेशान हैं.
फलस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि पहली अदला-बदली में शुक्रवार अपराह्न 39 फलस्तीनी कैदियों – इजराइली बलों पर हमले के लिये हत्या के प्रयास की दोषी कुछ महिलाओं समेत 24 महिलाएं और पथराव जैसे अपराध के लिए जेल में बंद 15 किशोर- को 13 इजराइली बंधकों के बदले रिहा किया जाएगा.
उस आदान-प्रदान के ठीक पहले, थाई प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन ने बाद में एक ट्वीट में कहा कि 12 थाई नागरिकों को भी रिहा कर दिया गया है. एक इजराइली अधिकारी ने पुष्टि की कि थाई बंदी गाजा छोड़ चुके हैं और इजराइल के रास्ते में हैं जहां उन्हें एक अस्पताल ले जाया जाएगा. अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बात की क्योंकि वह मीडिया के साथ रिहाई पर चर्चा करने के लिए अधिकृत नहीं थी.