पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 28 Dec 2023 09:54 PM
पाकिस्तान की अदालत ने पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान की एक अदालत ने नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमले से जुड़े एक नये मामले में बृहस्पतिवार को पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की 30 दिन की रिमांड के अनुरोध संबंधी पुलिस की याचिका खारिज कर दी और इसके बजाय उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के उपाध्यक्ष कुरैशी (67) को बुधवार को अदियाला जेल से रिहाई के बाद फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था और इस दौरान पुलिस ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया था. खबरों के मुताबिक कुरैशी ऐसे ही कई मामलों में आरोपित हैं. उन्हें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैयद जहांगीर अली की अदालत में पेश किया गया. वीडियो फुटेज में पुलिस द्वारा कुरैशी को अदालत में ले जाते हुए देखा जा सकता है. जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या वह डरे हुए हैं, तो उन्होंने कहा, ”नहीं”.

पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी ने हालांकि न्यायाधीश को बताया कि उन्हें कल रात सर्द कोठरी में रखा गया था और सोने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा, ”मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया.” उन्होंने यह भी कहा कि नौ मई की हिंसा के संबंध में बयान दर्ज करने के लिए एक पुलिस टीम उनके पास आई थी. उन्होंने कहा, ”मैं नौ मई को कराची में था… मेरी पत्नी की उस दिन सर्जरी हुई थी.” उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को अदियाला जेल के गेट पर उनकी गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया. उन्होंने दावा किया कि सीने में दर्द के बावजूद उन्हें डॉक्टर के पास नहीं ले जाया गया.

उनकी बात और वकीलों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने रिमांड के अनुरोध संबंधी पुलिस की याचिका खारिज कर दी और इसके बजाय उन्हें दो सप्ताह के लिए जेल भेज दिया. कथित भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद जेल में बंद इमरान खान के समर्थकों ने नौ मई को सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले किए थे.

समाचार पत्र ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ की खबर के अनुसार, बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष के वकील अकरम अमीन ड्यूटी मजिस्ट्रेट सैयद जहांगीर अली के समक्ष पेश हुए और पीटीआई नेता की रिमांड का अनुरोध करते हुए कहा था कि आतंकवाद के मामले में 90 दिन तक की रिमांड दी जा सकती है. खबर में अभियोजक के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने नौ मई की हिंसा के संबंध में संघीय जांच एजेंसी (एफआईए), पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) और खुफिया एजेंसियों से रिपोर्ट ली है.

कुरैशी के वकील मलिक इमरान ने अदालत को बताया कि रिपोर्ट में या पीटीआई नेता के भाषण में ऐसा कोई शब्द नहीं है जिसके आधार पर उनके मुवक्किल के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सके. खबर के अनुसार, ”दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने नौ मई के हमले के संबंध में कुरैशी की 30 दिन की रिमांड के अनुरोध संबंधी पुलिस की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.”

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