लंदन. ब्रिटेन में 30 साल से अधिक समय से चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. अमृतपाल सिंह हंगिन को महाराजा चार्ल्स तृतीय ने ‘नाइटहुड’ की उपाधि से सम्मानित करने का फैसला किया है. न्यूकैसल विश्वविद्यालय में जनरल प्रैक्टिस के एमेरिटस (अवकाश प्राप्त) प्रोफेसर डॉ. अमृतपाल सिंह हंगिन को उनकी चिकित्सा सेवा के लिए 2024 नव वर्ष सम्मान सूची में शामिल किया गया है. इस सूची में भारतीय मूल के करीब 30 स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर, परोपकारी और सामुदायिक कार्यकर्ता हैं, जिन्हें समाज में निस्वार्थ सेवा करने के लिए सम्मानित किया गया है.
यह सूची शुक्रवार रात को जारी की गयी.
डॉ. अमृतपाल सिंह को प्रोफेसर पाली हंगिन के नाम से जाना जाता है और वह डरहम विश्वविद्यालय के संस्थापक डीन और ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन (बीएमए) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, ”नव वर्ष सम्मान सूची में देशभर के लोगों और उन लोगों की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता दी गयी है, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के और करुणा के प्रति सर्वोच्च प्रतिबद्धता दिखायी है.” उन्होंने कहा, ” आप इस देश का गौरव और हम सभी के लिए प्रेरणा हैं.”
सरकार के कैबिनेट कार्यालय द्वारा हर साल ब्रिटेन के सम्राट के नाम से जारी की जाने वाली सूची में जनरल प्रैक्टिस में सेवाओं के लिए स्टैफोर्डशायर जनरल प्रैक्टिस के लिए ‘कमांडर्स ऑफ द ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर’ (सीबीई) डॉ. चंद्र मोहन कन्नेगांती और जन स्वास्थ्य में सेवाओं के लिए इम्पीरियल कॉलेज लंदन के सीनियर क्लिनिकल फेलो डॉ. माला राव शामिल हैं. प्रतिष्ठित सीबीई सम्मान पाने वालों में जन सेवा के लिए कारोबार व व्यापार विभाग के मुख्य वित्त अधिकारी बिदेश सरकार भी शामिल हैं.
‘ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ (ओबीई) से सम्मानित ब्रिटिश भारतीय अधिकारियों में समुदाय की सेवाओं के लिए ओल्डबरी, वेस्ट मिडलैंड्स के बलदेव प्रकाश भारद्वाज ; धर्मार्थ कार्य के लिए दक्षिण एशिया स्वैच्छिक उद्यम के अध्यक्ष डॉ. दीपांकर दत्ता; रेल निर्यात की सेवाओं के लिए एक्सरेल ग्रुप के सीईओ मुनीर पटेल; व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोसाइटी ऑफ ऑक्यूपेशनल मेडिसिन की अध्यक्ष डॉ. श्रीति पट्टानी; सार्वजनिक सेवा के लिए ब्रिटेन के न्याय मंत्रालय में जेल अवसंरचना टीम के प्रमुख परियोजना प्रायोजक राजविंदर सिंह, ; खेल सेवाओं के लिए आर्सेनल फुटबॉल क्लब के सीईओ विनयचंद्र गुडुगुंटला वेंकटेशम शामिल हैं.
कैबिनेट कार्यालय ने बताया कि इस साल 1,200 से अधिक लोगों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया है. पुरस्कार पाने वालों में 48 फीसदी महिलाएं हैं. ‘ मेंबर्स ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ (एमबीई) से खेल की सेवाओं के लिए नस्लवाद विरोधी चैरिटी किक इट आउट के अध्यक्ष डॉ. संजय भंडारी, भारतीय विद्याभवन, यूके के न्यासी और उपाध्यक्ष जयश्री राजकोटिया को भारतीय संस्कृति की सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है.
एमबीई से जिन अन्य भारतीय मूल के लोगों को सम्मानित करने की घोषणा की गई है उनमें व्यापार और सौंदर्य उद्योग की सेवाओं के लिए ताजिंदर कौर बनवेट; स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खासतौर पर कोविड-19 महामारी के दौरान सेवा के लिए डॉ. मानव भावसार; सामाजिक समानता के लिए नीलेश भास्कर डोसा; वेल्स में प्री-हॉस्पिटल और ट्रॉमा केयर सेवाओं के लिए डॉ. दिनेंद्र सिंह गिल; ऑक्सफ.ोर्डशायर में हिंदू समुदाय और बहु-आस्था एकजुटता के लिए डॉ. जियान प्रकाश गोपाल; सिख समुदाय के लिए धर्मार्थ सेवाओं के लिए जसदीप हरि भजन सिंह खालसा; एनएचएस में सेवा के लिए डॉ. मीनाक्षी नागपाल; और सार्वजनिक सेवा के लिए सतीश मणिलाल परमार शामिल हैं.
ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (बीईएम) प्राप्त करने वाले भारतीय मूल के लोगों में स्वास्थ्य और धर्मार्थ कार्य करने वालों का वर्चस्व है, जैसे चिकित्सा शिक्षा के लिए चंद्र शेखर बियानी और धर्मार्थ सेवाओं के लिए हरबख्श सिंह ग्रेवाल सम्मानित किए जाएंगे. साल 2024 के लिए अन्य उच्च सम्मान पाने वालों में हॉलीवुड फिल्म निर्माता रिडले स्कॉट शामिल हैं, जिन्हें ब्रिटिश फिल्म उद्योग में उनकी सेवाओं के लिए ‘ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ के नाइट ग्रांड क्रॉस से सम्मानित किया गया है और दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा ‘डेम’ से सम्मानित वेल्श गायिका शर्ली बस्सी संगीत के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए ‘ऑर्डर ऑफ द कम्पैन्यन ऑफ ऑनर’ पाने वाली 64वीं जीवित सदस्य बन गयी हैं.