दक्षिणी गाजा में भीषण लड़ाई, अन्य इलाकों से इजराइल के हजारों सैनिकों की वापसी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 02 Jan 2024 07:55 PM
दक्षिणी गाजा में भीषण लड़ाई, अन्य इलाकों से इजराइल के हजारों सैनिकों की वापसी
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दीर अल बलाह. दक्षिणी गाजा के खान यूनिस शहर में मंगलवार को भीषण लड़ाई की खबर है. इससे एक दिन पहले ही इजराइल ने कहा था कि वह भीषण हवाई बमबारी और जमीनी कार्रवाई की रणनीति में संभावित बदलाव के मद्देनजर अन्य इलाकों से अपने हजारों सैनिकों को वापस बुला रहा है. इजराइल ने हमास शासित गाजा को तबाह कर दिया है.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को कुचलने और गाजा में आतंकवादी समूह द्वारा अब भी बंधक बनाकर रखे गए 100 से अधिक लोगों को मुक्त कराने तक युद्ध जारी रखने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में कई और महीने लग सकते हैं.

लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की क्षेत्र की यात्रा से पहले इजराइल पर युद्ध रोकने का अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ.ता जा रहा है. इजराइल के हमले में पहले ही करीब 22 हजार फलस्तीनी मारे गए हैं. ब्लिंकन ने अपील की है कि वह फलस्तीनी नागरिकों को बचाने के लिए और कदम उठाए.

इजराइल द्वारा सैनिकों को हटाने की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब देश के उच्चतम न्यायालय ने नेतन्याहू सरकार के विवादित न्यायिक सुधार विधेयक के अहम बिंदुओं को रद्द कर दिया है. न्यायिक सुधार की योजना ने इजराइलियों को विभाजित कर दिया था और सात अक्टूबर को हमास के हमले से पहले सैन्य तैयारियों को खतरे में डाल दिया था. इजराइली सेना ने सोमवार को कहा कि पांच ब्रिगेड या हजारों सैनिकों को आने वाले हफ्तों में गाजा से वापस बुलाया जाएगा. कुछ सैनिक वापस अपने प्रशिक्षण केंद्रों में जाएंगे जबकि बाकी आरक्षित सैनिक अपने घरों को जाएंगे.

युद्ध ने आरक्षित सैनिकों को मोर्चे पर आने के लिए मजबूर किया जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा क्योंकि अपना व्यवसाय चलाने या विश्वविद्यालय की पढ.ाई करने वालों को अपना काम रोकना पड़ा. सेना ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताया कि सैनिकों की वापसी युद्ध के नए चरण को प्रतिबिंबित करती है लेकिन यह कदम इजराइली नेतृत्व द्वारा रेखांकित योजना के अनुकूल है जिसने कम तीव्रता के सैन्य अभियान पर जोर दिया है और यह हमास के गढ. को निशाना बनाने तक सीमित होगा. इजराइली नेतृत्व के अनुसार, यह अभियान लंबा चल सकता है.

इजराइल ने कहा है कि वह उत्तरी गाजा के अधिकतर इलाकों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के करीब है, जिससे वहां बलों की आवश्यकता कम हो जाएगी. फिर भी फलस्तीनी क्षेत्र के अन्य हिस्सों में खासतौर पर दक्षिण में भीषण लड़ाई जारी है. दक्षिण में हमास के लड़ाके इजराइल का मुकाबला कर रहे हैं और गाजा पट्टी की 23 लाख की आबादी में से अधिकतर लोग इन्हीं इलाकों में शरण लिए हुए हैं.

इस बीच, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने सोमवार देर रात घोषणा की कि गाजा के करीब सात इजराइली समुदायों के निवासी जल्द ही अपने घरों में लौट सकते हैं. यह ठोस संकेत है कि सेना को विश्वास है कि उसने गाजा के कुछ हिस्सों से रॉकेट प्रक्षेपण के खतरे को कम कर दिया है. समुदाय सीमा से चार से सात किलोमीटर (2.5 से 4.5 मील) दूर रहते हैं.

फलस्तीनियों ने बताया कि दक्षिणी खान यूनिस शहर में सोमवार की रात से ही इजराइल बड़े पैमाने पर हवाई हमला कर रहा है और तोप के गोले बरसा रहा है. उन्होंने बताया कि मध्य गाजा के बुरीज शरणार्थी शिविर में और आसपास के इलाकों में भी लड़ाई चल रही है.
गाजा शहर के निवासियों ने बताया कि शहरी क्षेत्र स्थित जबालिया शरणार्थी शिविर और आसपास के इलाकों में भी संघर्ष जारी है. इस शहर की अधिकतर आबादी दूसरे स्थानों पर चली गई है और गत दो महीने से इलाके में लड़ाई चल रही है. इजराइल पर हमास ने पिछले साल सात अक्टूबर की रात को हमला कर 1200 लोगों को मौत के घाट उतार दिया और 240 को बंधक बना लिया.

हमास शासित गाजा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइल द्वारा जवाब में किए गए हमले में अबतक 21,900 लोग मारे गए हैं. इजराइल के मुताबिक, गाजा में हमास के खिलाफ जमीनी कार्रवाई शुरू होने के बाद से अबतक उसके 173 सैनिक मारे गए हैं जबकि आठ हजार चरमंपथियों को उसने मार गिराया है. गाजा की 23 लाख आबादी में से 85 प्रतिशत लोग विस्थापित हुए हैं.

इस बीच, दक्षिण अफ्रीका ने इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीजे) का रुख किया और आरोप लगाया है कि गाजा से फलस्तीनियों का सफाया करने के लिए वह ‘नरसंहार’ को अंजाम दे रहा है. इजराइल ने हालांकि दक्षिण अफ्रीका के दावे को खारिज करते हुए इसे ‘यहूदी विरोधी’ विचार करार दिया है. दक्षिण अफ्रीका ने पिछले सप्ताह हेग स्थित अदालत से अनुरोध किया कि वह अंतरिम आदेश जारी कर इजराइल को तत्काल गाजा में सैन्य अभियान स्थगित करने का निर्देश दे.

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