पटना/लखनऊ. बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक फतेह बहादुर सिंह द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के कुछ दिनों बाद बुधवार को पटना स्थित एक संगठन ने उनकी ‘जीभ काटने’ वाले को 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की.
पटना स्थित बिहार विधानमंडल के सदस्यों के फ्लैटों के पास हिंदू शिव भवानी सेना नामक एक संगठन द्वारा राजद विधायक को लेकर एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें उक्त इनाम की घोषणा की गई है. विधायक से इस बाबत जब प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं संगठन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराऊंगा. मैं इसके पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए बिहार के पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखूंगा.” संपर्क करने पर पुलिस ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
राजद विधायक ने कुछ दिन पहले यहां कुछ स्थानों पर कथित तौर पर पोस्टर लगाए थे जिसमें समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले को उद्धरित करते हुए कहा गया था,ह्लमंदिर का मतलब मानसिक गुलामी का मार्ग और स्कूल का मतलब होता है जीवन में प्रकाश का मार्ग . जब मंदिर की घंटी बजती है तो हमें संदेश देती है कि हम अंधविश्वास, पाखंड, मूर्खता और अज्ञानता की ओर बढ़ रहे हैं और जब स्कूल की घंटी बजती है तो यह संदेश मिलता है कि हम तर्कपूण ज्ञान, वैज्ञानिकता तथा प्रकाश की ओर बढ़ रहे हैं. अब तय करना है कि आपको किस ओर जाना चाहिए.’
उक्त पोस्टर में राजद संस्थापक लालू प्रसाद और उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तस्वीरें थीं लेकिन पार्टी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. खुद को हिंदू शिव भवानी सेना का अध्यक्ष बताने वाले लव कुमार सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”हां, हमने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ टिप्पणी के लिए फतेह बहादुर सिंह की जीभ काटने वाले को 10 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है. उन्होंने जानबूझकर हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए ऐसा किया है.”
राम मंदिर के प्रति नफरत भरे बयान पोस्ट करने का आरोपी युवक गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने सोशल मीडिया पर अयोध्या के राम मंदिर से संबंधित नफरत भरे बयान पोस्ट करने के आरोप में 24 वर्षीय एक व्यक्ति को झांसी से गिरफ्तार किया है. एटीएस द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार झाँसी जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के मुकरयाना निवासी हाफिज जिब्रान मकरानी को एटीएस की एक टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार किया.
मकरानी पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर नफरत भरी टिप्पणी पोस्ट कर लोगों को बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने के लिए उकसाया. आगामी 22 जनवरी को राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर सघन अभियान के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट को ‘स्कैन’ करते समय एटीएस को आरोपी का पोस्ट नजर आया.
बयान में कहा गया, “मकरानी के मोबाइल फोन से बाबरी मस्जिद के विध्वंस का बदला लेने के लिए उकसाने वाले कई आपत्तिजनक पोस्ट और स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जाना पाया गया है.” एटीएस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 153-ए (धर्म के आधार पर दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 505 (2) (दो वर्गों के बीच नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देने वाले बयान देना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.