साल 2024 में 50 से अधिक देशों में होंगे चुनाव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 10 Jan 2024 07:20 PM
साल 2024 में 50 से अधिक देशों में होंगे चुनाव
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लंदन. भारत, रूस, ब्रिटेन समेत दुनिया के 50 से अधिक देशों में 2024 में राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं. इन देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है. ऐसा प्रतीत होता है कि यह वर्ष सबसे मजबूत लोकतंत्रों की भी परीक्षा लेने और तानाशाही रुझान वाले नेताओं के हाथों को मजबूत करने के लिए तैयार है.

रूस, ताइवान और ब्रिटेन से लेकर भारत, अल सल्वाडोर और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों का मानवाधिकारों, अर्थव्यवस्थाओं, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अस्थिरता से भरी दुनिया में शांति की संभावनाओं के हिसाब से व्यापक प्रभाव है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित दोबारा मुकाबला चुनावी कैलेंडर में बड़ा मुकाबला दिख रहा है.

लंदन स्थित विचार समूह ‘चैथम हाउस’ की निदेशक ब्रॉनवेन मैडॉक्स के अनुसार इन चुनावों से मतदाताओं के बीच ”असंतोष, अधीरता, बेचैनी की मनोदशा” का आकलन होगा. चीन के अत्यंत दबाव में ताइवान में शनिवार को होने राष्ट्रपति पद और 113 सदस्यीय संसद के चुनाव के नतीजे का एशिया-प्रशांत क्षेत्र सहित अमेरिका पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा.

चीन ने स्वशासित द्वीप पर सैन्य इस्तेमाल की फिर से धमकी दी है, क्योंकि वह ताइवान को अपना हिस्सा मानता है. चीन ने इस चुनाव को युद्ध और शांति के बीच विकल्प के तौर पर बताया है. हालांकि, राष्ट्रपति पद के तीनों प्रमुख उम्मीदवारों में से किसी ने भी ताइवान की स्वतंत्रता की घोषणा करके चीन को नाराज करने की इच्छा नहीं जताई है.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, दुनिया की सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली महिला नेता हैं. हसीना देश में रविवार को हुए चुनाव में लगातार चौथे कार्यकाल के लिए चुनी गईं, जिसका विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था और देश में हिंसा हुई थी. सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत में 2024 के मध्य में आम चुनाव होने वाले हैं, जिसमें लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीत की संभावना जताई जा रही है.

सत्ता बरकरार रखने की चाह रखने वाले अन्य नेता अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले हैं, जिन्हें हिंसक गिरोहों पर लगाम लगाने के वास्ते आक्रामक कार्रवाई के लिए आपात शक्तियों का इस्तेमाल करने के कारण व्यापक समर्थन मिल रहा है. मेक्सिको दो जून को होने वाले चुनाव में अपनी पहली महिला राष्ट्रपति चुनने के लिए तैयार है. मेक्सिको सिटी की मेयर क्लॉडिया शिनबॉम और पूर्व विपक्षी सीनेटर जौचिटल गैल्वेज राष्ट्रपति पद के दावेदारों में शामिल हैं.

दक्षिण पूर्व एशिया के सबसे बड़े लोकतंत्र इंडोनेशिया में मतदाता 14 फरवरी को राष्ट्रपति जोको विडोडो के उत्तराधिकारी का चयन करने वाले हैं. जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि रक्षा मंत्री प्रबोवो सुबियंतो और मध्य जावा के पूर्व गवर्नर गंजर प्रणोवो के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है.

पाकिस्तान में सेना की निगरानी में आठ फरवरी को होने वाले चुनाव में स्थापित नेताओं के बीच मुकाबला दिखेगा. विपक्ष का प्रमुख चेहरा रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में हैं और निर्वाचन अधिकारियों ने उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता और तीन बार प्रधानमंत्री रहे उनके प्रतिद्वंद्वी नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त होने के बाद चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई है. पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी भी चुनाव लड़ रही है.

मार्च में रूस में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव कौन जीतेगा इसमें कोई संदेह नहीं नजर आ रहा है, क्योंकि अपने पांचवें कार्यकाल के लिये चुनाव लड़ रहे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को महज सांकेतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है. उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी या तो जेल में हैं, या निर्वासित हैं या उनकी मृत्यु हो गई है और यूक्रेन में शांति का आ”ान करने वाले एक नेता को अयोग्य करार दिया गया है.
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के नेतृत्व में बेलारूस में भी ऐसी ही कहानी है. पच्चीस फरवरी को देश में संसदीय चुनाव होने की संभावना है. हजारों विरोधी या तो जेल में हैं या फिर वे देश छोड़कर चले गए हैं.

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