लखनऊ/हरिद्वार/अयोध्या/मेरठ. अयोध्या में 22 जनवरी को राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पूर्व भगवान राम को 23 कैरेट सोने का धनुष भेंट किया जाएगा. ढाई किलोग्राम वजनी इस धनुष के निर्माण में करीब सात सौ ग्राम सोने का इस्तेमाल किया गया है. यह धनुष अयोध्या स्थित अमावा राम मंदिर द्वारा श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा.
अयोध्या के अमावा राम मंदिर के ट्रस्टी शायन कुणाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “22 जनवरी को अयोध्या में राम लला (भगवान राम) की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ से पहले हम उन्हें भेंट करने के लिए सोने का धनुष और तीर बनवा रहे हैं. श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 19 जनवरी को यह दान कर दिया जाएगा.” शायन कुणाल ने कहा,” धनुष को उसी प्रकार निर्मित करवाया गया है जैसा वाल्मिकी रामायण में उद्धृत है. इसमें विभिन्न तीरों का भी वर्णन है. पिछले 200 सालों से इस क्षेत्र में कार्यरत चेन्नई के कुशल कारीगर समुदाय के कारीगरों द्वारा यहां इस धनुष को बनाया गया है .” उन्होंने बताया कि इस धनुष को बनाने में 23 कैरेट सोने का उपयोग किया गया है और 2.5 किलोग्राम वजनी धनुष को बनाने में लगभग 600-700 ग्राम सोना इस्तेमाल किया गया है .” उन्होंने कहा कि धनुष बनाने में लगभग दो महीने का समय लगा है.
रामलला के अभिषेक के लिए जूना अखाड़े के संन्यासी पवित्र जल लेकर अयोध्या रवाना
उत्तराखंड के पवित्र तीर्थों और गंगा समेत सभी नदियों का जल लेकर भगवान रामलला का अभिषेक करने के लिए जूना अखाड़े के नागा संन्यासियों का एक जत्था शुक्रवार को यहां से अयोध्या के लिए रवाना हुआ. जय श्री राम, हर हर महादेव के जय घोष के साथ अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेश पुरी और मुख्य पुजारी श्रीमहंत सुरेशानंद सरस्वती के नेतृत्व में नागा संन्यासियों का जत्था हर की पैड़ी पहुंचा और मां गंगा की पूजा अर्चना कर गंगाजल से कलश भरा.
इसके साथ ही उत्तराखंड के समस्त तीर्थों से लाये जल से भरे कलशों का भी पूजन किया गया जिसके बाद उन्हें लेकर नागा संन्यासी दक्षेश्वर महादेव मंदिर कनखल पहुंचे तथा भगवान शिव का अभिषेक कर अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के निर्वघ्नि संपन्न होने की प्रार्थना की. इसके बाद जत्था जल के कलश लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो गया .
श्रीमहंत महेश पुरी ने बताया कि जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमंहत हरी गिरि के निर्देश पर राम लला के अभिषेक के लिए उत्तराखंड की पवित्र नदियों गंगा, यमुना,अलकनंदा, मंदाकिनी, सरयू, गोमती ,शारदा, भागीरथी, राम गंगा, काली गंगा, धौली गंगा तथा त्रिजुगी नारायण आदि तीर्थों से पवित्र जल कलशों में भरा गया जिसे लेकर नागा संन्यासियों का जत्था अयोध्या रवाना हुआ है .
उन्होंने बताया कि रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए पूरे देश में स्थित जूना अखाड़े के मठ मंदिरों को फूलों व दीपों से सजाया जा रहा है तथा विशेष पूजा अर्चना की जा रही है. उन्होंने बताया कि इन स्थानों पर लंगर भी आयोजित किए जा रहे हैं. श्रीमहंत हरी गिरी ने बताया कि अयोध्या में पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भव्य राम मंदिर के लिए किए गए भूमि पूजन के साथ-साथ जूना अखाड़े ने भी अयोध्या स्थित दत्तात्रेय अखाड़े में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया था. उन्होंने आगामी 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही दत्तात्रेय अखाड़े में भी श्री राम विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.
भगवान राम, अयोध्या के मंदिर की छवि वाले भगवा झंडों की मांग कई गुना बढ़ी
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले, भगवान राम, भगवान हनुमान और निर्माणाधीन भव्य मंदिर की छवियों वाले भगवा झंडों की मांग कई गुना बढ़ गई है. चूंकि 22 जनवरी को ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के दिन अयोध्या वस्तुत? किले में तब्दील हो जाएगी, इसलिए आसपास के जिलों से श्रद्धालु राम लला के ‘दर्शन’ के लिए जल्दी पहुंच रहे हैं और इन ध्वजों के अलावा भगवान राम के नाम और चित्र वाले अन्य सामान भी खरीद रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को राम मंदिर होने जा रहे भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे. भव्य आयोजन में दो सप्ताह से भी कम समय बचा है, और अयोध्या में धार्मिक उत्साह का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ”अयोध्या राममयी हो रही है.” स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, भगवान राम और निर्माणाधीन राम मंदिर की छवि वाले भगवा झंडों के साथ ही अक्सर कारों की पिछली विंडशील्ड पर देखे जाने वाले ‘जय श्रीराम’ के नारे और भगवान हनुमान की छवि की काफी मांग है.
स्थानीय निवासियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राम मंदिर मुद्दे पर 2019 के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद से भगवा झंडों की मांग बढ़ रही है. रामपथ पर एक रेस्तरां चलाने वाले प्रदीप गुप्ता ने कहा, ”पिछले कुछ सप्ताहों में और विशेष रूप से नये राम मंदिर में होने वाले ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के कारण, इसकी मांग बहुत है.” उन्होंने कहा, ”भगवान राम और निर्माणाधीन राम मंदिर की छवि वाले भगवा झंडे, विशेष रूप से श्रद्धालुओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.” उन्होंने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पहले लोग अपने घरों की छतों पर ऐसे झंडे नहीं लगाते थे, लेकिन अब ये झंडे हर जगह देखे जा सकते हैं, खासकर घरों पर.
शीर्ष अदालत ने एक सदी से भी अधिक पुराने विवादास्पद मुद्दे का निपटारा करते हुए एक ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर एक ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया था और फैसला सुनाया था कि शहर में मस्जिद के लिए पांच एकड़ का वैकल्पिक भूखंड खोजा जाना चाहिए.
फैजाबाद शहर के सहादतगंज और लता मंगेशकर चौक के बीच 13 किलोमीटर लंबे पुर्निवकसित रामपथ पर चलते हुए, सड़क के दोनों ओर विभिन्न दुकानों के बगल में और नव निर्मित पैदल यात्री मार्गों पर झंडों के भंडार देखे जा सकते हैं. स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि झंडे विभिन्न आकारों में हैं और इनकी कीमत 50 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह में शुरू हुए कई अनुष्ठानों और ‘शोभा यात्राओं’ के कारण भी इनकी मांग बढ़ी है. बृहस्पतिवार को, पीले कपड़े पहने सैकड़ों महिलाओं ने शहर के मध्य में एक ‘शोभा यात्रा’ में भाग लिया. इनमें से कई महिलाओं ने भगवा झंडे लिए हुए थे.
भगवा झंडे समेत धार्मिक वस्तुएं बेचने वाले दुकानदार मुकेश कुमार ने कहा, ”यहां ‘प्राण प्रतिष्ठा’ से पहले हमारा कारोबार बढ़ गया है.” उन्होंने कहा, ”बिक्री बढ़ गई है क्योंकि अयोध्या में कई स्थानों पर यज्ञ किए जा रहे हैं और अन्य स्थानों से भी मांग आ रही है. इन झंडों का उपयोग कथा और भागवत के दौरान भी किया जाता है. हम थोक दरों पर बिक्री करते हैं और प्रति दिन लगभग 10,000-12,000 रुपये कमा रहे हैं.” मोदी ने 30 दिसंबर को अयोध्या का दौरा किया था और उनके आगमन के दिन, मुख्य शहर और अयोध्या बाईपास के किनारे, बड़ी संख्या में घरों की छतों और बालकनियों पर भगवा झंडे लगे हुए थे. उनके रोडशो के दौरान, सड़कों के किनारे खड़े कई निवासी भी झंडे लिए हुए देखे गए जो जयकार कर रहे थे.
जैसे-जैसे प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तिथि नजदीक आ रही है, बड़ी संख्या में लोग राम लला के दर्शन के लिए आसपास के शहरों और जिलों से अयोध्या आ रहे हैं, क्योंकि लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस अवसर को अपने घरों, मंदिर और आसपास के धार्मिक स्थानों पर मनाएं और पवित्र शहर में दर्शन 23 जनवरी से करें.
जौनपुर के राज कुमार दुबे ने कहा कि वह एक स्थानीय ग्रामीण निकाय के सदस्य हैं और आगामी समारोह को लेकर बहुत खुश हैं. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं इन झंडों को घर ले जाने के लिए खरीद रहा हूं. हम इन्हें गांवों में वितरित करेंगे और मैं ऐसा इसलिए करूंगा क्योंकि यह मेरे लिए खुशी की बात है.” गोंडा से आयीं सुभया शुक्ला ने कहा कि उन्होंने घर लौटने पर अपने घर की छत पर फहराने के लिए एक बड़े आकार का झंडा खरीदा है. दुकानदारों के अनुसार, राम मंदिर की लकड़ी की प्रतिकृति, धातु की अंगूठियां, लॉकेट और भगवान राम के नाम और छवियों वाली वस्तु की भी अयोध्या में भारी मांग है.
महाकाव्य रामायण से संबंधित ‘थीम’ वाले मोबाइल कवर की भारी मांग
मोबाइल के कवर विक्रेताओं का कहना है कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले महाकाव्य रामायण से संबंधित थीम वाले कवर की भारी मांग है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीर्थनगरी अयोध्या में मौके पर मौजूद रहेंगे.
किशोर नामक एक विक्रेता ने कहा, “इस बार राम मंदिर को लेकर बच्चों में बहुत उत्साह है. सुबह से शाम तक काफी संख्या में बच्चे आते हैं. अगर हम अन्य थीम पर आधारित एक या दो (मोबाइल) लेमिनेशन करते हैं, तो 20 लेमिनेशन भगवान राम से संबंधित होते हैं.” उन्होंने कहा, ”चाहे धनुर्धारी राम हों, या बिना धनुष धारण किये राम. मैंने भगवान राम या राम मंदिर से संबंधित थीम पर इतना लेमिनेशन होते कभी नहीं देखा. इस थीम पर लगभग 20-30 लोग लेमिनेशन के लिए आते हैं.”
इन मोबाइल कवर के लिए अधिक ग्राहकों को आर्किषत करने के वास्ते विक्रेताओं ने छूट की पेशकश भी शुरू कर दी है. कुछ तो इन्हें मुफ्त बांटने के बारे में भी सोच रहे हैं.
दिनेश कुमार नामक एक अन्य विक्रेता ने कहा, ”अगर कोई भगवान राम का भक्त है, तो वह तुरंत इससे संबंधित फोन कवर मांगता है और यह भी बताता है कि बाजार में एक नई चीज आई है. हम ऐसे कवर पर छूट भी देते हैं. जैसे ही रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर चर्चा शुरू हुई, हमने ‘राम (मोबाइल कवर) केस’ भी लाना शुरू कर दिया.”
एक अन्य दुकान मालिक राज कुमार खुराना ने कहा, ”जो भी ग्राहक आ रहे हैं और जो भी (मोबाइल के) नये मॉडल इस्तेमाल में हैं, उनके लिए हम खुद राम मंदिर की थीम पर आधारित कवर बनाएंगे और मुफ्त में बांटेंगे.” उन्होंने कहा, ”बहुत से लोग स्वयं इसकी मांग करते हैं, लेकिन हम उनमें से प्रत्येक को राम मंदिर की थीम वाला कवर देने के बारे में सोच रहे हैं.” ‘प्राण-प्रतिष्ठा’ समारोह के आयोजन में बहुत कम समय रह गया है और ऐसे मोबाइल कवर के प्रति लोगों में उत्साह स्पष्ट देखा जा सकता है.