
नयी दिल्ली. पिछले साल गोवा राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले तीन एथलीट उन 11 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें 20 दिन के अंदर डोपिंग आरोप स्वीकार करने का फायदा मिला है और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उनका प्रतिबंध घटाकर तीन साल कर दिया है.
इन खिलाड़ियों में ट्रैक एवं फील्ड के तीन एथलीट कमलजीत कौर (100 मीटर और 200 मीटर), अजय कुमार (5000 मीटर और 10000 मीटर) और हरजोधवीर सिंह (5000 मीटर और 10000 मीटर) भी शामिल हैं, जिन्होंने 25 अक्टूबर से 9 नवंबर तक गोवा में राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था. राष्ट्रीय खेलों के दौरान विभिन्न खेलों के कुल 20 खिलाड़ियों को डोपिंग का दोषी पाया गया था.
नाडा ने अपनी नवीनतम सूची में उन खिलाड़ियों के नाम दिए हैं जिनका प्रतिबंध घटाकर तीन साल कर दिया गया है. डोपिंग के दोषी पाए गए खिलाड़ियों पर अमूमन चार साल का प्रतिबंध लगाया जाता है. जिन खिलाड़ियों की प्रतिबंध की अवधि कम की गई है उनमें तीन भारोत्तोलक प्रियदर्शनी थुरम (मेफेन्टरमाइन), मिथलेश सोनकर (एसएआरएम एलजीडी-4033) और एक नाबालिग (मिथाइलटेस्टोस्टेरोन) भी शामिल हैं.
राष्ट्रीय खेलों में सात भारोत्तोलक डोपिंग के दोषी पाए गए थे. इनमें राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता वंदना गुप्ता भी शामिल थी. इनके अलावा जिन अन्य खिलाड़ियों के प्रतिबंध की अवधि घटाई गई है उनमें पहलवान अनिल मलिक और साइकिलिस्ट अनीता देवी भी शामिल हैं. नाडा ने अनीता और वंदना को लेकर अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं दी है.



