कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पांच जनवरी को संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख के परिसर की तलाशी के लिए गये प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हुए हमले की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और पश्चिम बंगाल पुलिस का संयुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का बुधवार को आदेश दिया.
न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने निर्देश दिया कि उच्च न्यायालय इस जांच की निगरानी करेगा और जांच दल इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 फरवरी को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करेगा. ईडी के वकील ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा था कि ईडी को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर विश्वास नहीं है.
उच्च न्यायालय ने कहा कि सीबीआई के पुलिस अधीक्षक रैंक का एक अधिकारी और इस्लामपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक जसप्रीत सिंह संयुक्त रूप से इस एसआईटी की अगुवाई करेंगे तथा सीबीआई इस जांच दल के लिए पुलिस अधीक्षक रैंक के अपने अधिकारी का नाम बृहस्पतिवार तक दे देगी.
ईडी अधिकारी पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाला मामले में धन के लेनदेन की जांच के सिलसिले में उत्तर 24-परगना जिले के संदेशखाली में शाहजहां शेख के घर तलाशी के लिए पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर भीड़ ने हमला किया था. ईडी अधिकारियों पर हमले के समय उनके साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी भी थे. इस हमले में तीन ईडी अधिकारी घायल हो गये थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शेख को पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का करीबी माना जाता है. मलिक को इस घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने कथित राशन वितरण घोटाले के आरोपी और फरार टीएमसी नेता शाहजहां शेख के आवास के आसपास के इलाकों में 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं. अदालत ने मंगलवार को राज्य से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि शेख के घर के आसपास तुरंत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं. उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से ‘लुकआउट नोटिस’ भी जारी किया गया है.
महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की अदालत को बताया कि बांग्लादेश सीमा से कुछ किलोमीटर दूर संदेशखाली में शेख के परिसर के आसपास के इलाकों में 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. पास में ही रहने वाले शेख के भाई ने कहा, ”मैंने भी सुरक्षा कारणों से अपने घर में ऐसे कैमरे लगाए हैं.”
उच्च न्यायालय के एक सवाल पर बताया गया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता का अभी तक पता नहीं चल पाया है. पांच जनवरी को, शेख के समर्थकों द्वारा प्रवर्तन विभाग (ईडी) के तीन अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया और उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जब उन्होंने उत्तरी 24 परगना जिले में शेख के आवास पर छापा मारने की कोशिश की. ईडी ने कहा है कि कथित राशन वितरण घोटाले में पैसे के लेन-देन की छानबीन से शेख जांच के दायरे में आ गए हैं. मामले में ईडी ने पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योति प्रिय मलिक को गिरफ्तार किया था.