देश को भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार की बुराइयों से छुटकारा दिला सकते हैं युवा और महिलाएं: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 23 Jan 2024 10:09 PM
देश को भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार की बुराइयों से छुटकारा दिला सकते हैं युवा और महिलाएं: मोदी
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आजादी के बाद भी भाई-भतीजावाद, वंशवाद और राजनीति में भ्रष्टाचार ने भारत के विकास को बाधित किया. उन्होंने लोगों, विशेषकर महिलाओं तथा युवाओं से इन ‘बुराइयों’ को खत्म करने का आह्वान किया. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती के अवसर पर यहां लाल किला परिसर में आयोजित पराक्रम दिवस समारोह में मोदी ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय लोकतंत्र में भाई-भतीजावाद और वंशवाद की दोहरी बुराइयां हावी होने लगीं.

उन्होंने कहा, “नेताजी ने कहा था कि अगर हम भारत को महान बनाना चाहते हैं तो राजनीतिक लोकतंत्र और लोकतांत्रिक समाज की नींव मजबूत होनी चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद उनके विचार पर गंभीर हमला हुआ.” मोदी ने कहा कि नेताजी देश के सामने मौजूद चुनौतियों को अच्छी तरह समझते थे और उनके बारे में सभी को आगाह भी किया करते थे.

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारतीय लोकतंत्र में भाई-भतीजावाद और वंशवाद जैसी बुराइयां हावी होने लगीं. मोदी ने कहा कि यह भी एक प्रमुख कारण रहा है कि भारत उस गति से विकास नहीं कर सका, जिस गति से उसे विकास करना चाहिए था. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा और महिला शक्ति देश की राजनीति को भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की बुराइयों से मुक्त करा सकती है.

उन्होंने कहा, ”हमें राजनीति के जरिए इन बुराइयों को खत्म करने का साहस दिखाना होगा और इन्हें हराना होगा.” मोदी ने कहा, ”पराक्रम दिवस पर हम नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आदर्शों और उनके सपनों का भारत बनाने को प्रतिबद्ध हैं.” इस अवसर पर लाल किले में एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें आगन्­तुकों को नेताजी और आजाद हिन्­द फौज के संबंध में दुर्लभ तस्­वीरों और दस्­तावेजों को देखने का मौका मिलेगा. यह समारोह 31 जनवरी को समाप्त होगा. प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया.

मोदी ने इस अवसर पर ‘भारत-पर्व’ की भी शुरुआत की. 31 जनवरी तक चलने वाला यह कार्यक्रम दिल्­ली के रामलीला मैदान और लाल किला के सामने माधवदास पार्क में आयोजित किया गया है. इसमें गणतंत्र दिवस की झांकियां और सांस्­कृतिक सामग्रियों के जरिये देश की समृद्ध वि­विधता प्रर्दिशत की गई हैं. साथ ही यहां पर सरकार की नागरिक के्द्रिरत पहलों, ‘वोकल फॉर लोकल’ और पर्यटकों के लिए विभिन्­न आकर्षक स्­थानों से संबंधित 26 मंत्रालयों तथा विभागों के प्रयासों को भी दर्शाया गया है.

प्रधानमंत्री, लोस अध्यक्ष, खरगे ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए उनका अटूट समर्पण आज भी प्रेरित करता है. सरकार ने साल 2021 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्­मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी.

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”पराक्रम दिवस पर भारत के लोगों को बधाई. आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हम उनके जीवन और साहस का सम्मान करते हैं. हमारे देश की स्वतंत्रता के लिए उनका अटूट समर्पण आज भी प्रेरित करता है.” प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य सांसदों ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की.

राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह और राज्यसभा महासचिव पी सी मोदी ने भी नेताजी को श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा आयोजित ‘अपने नेता को जानिए’ कार्यक्रम के तहत युवा प्रतिभागियों ने भी बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर शामिल युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा, ”नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के पराक्रम और प्रेरणा के साक्षात प्रतीक हैं जिन्होंने अपने साहस और संगठन शक्ति से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नयी शक्ति प्रदान की.”

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