सऊदी अरब के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि पवित्र शंहर मक्का में अश्लीलता के आरोप में गिरफ़्तार एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को मौत की सज़ा दे दी गई है.
सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी ‘एसपीए’ ने बताया कि नजरल इस्लाम अब्दुल बशीर और सिती अख़्तर ने मक्का की एक मस्जिद में ‘अश्लील कृत्य’ किया था.
मंत्रालय ने बताया कि अदालत ने दोनों के खिलाफ फैसला सुनाया और उन पर लगाए गए आरोप साबित हो गए. एक सऊदी अधिकारी के मुताबिक 88 सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों को गिरफ्तार किया और संबंधित अदालत के सामने पेश किया.
जेद्धा स्थित बांग्लादेश के वाणिज्यिक दूतावास ने कहा कि उन्हें फांसी दिए जाने से पहले इसकी सूचना नहीं दी गई थी. दूतावास ने सऊदी अधिकारियों से इस मामले की औपचारिक पुष्टि भी मांगी है.
सऊदी अरब की अदालत ने मामले की गंभीरता, मस्जिद की पवित्रता के खिलाफ़ किए गए कृत्य और उससे जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए ‘ताजीर’ के तहत मृत्युदंड दिया.
पवित्र स्थलों की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी हाल में स्वीकार नहीं. इस्लाम में मस्जिदों और पवित्र स्थलों की पवित्रता का विशेष महत्व है. ऐसे कृत्य सिर्फ़ कानून ही नहीं, बल्कि इस्लाम की शिक्षाओं के भी खिलाफ़ है.
बांग्लादेश ने सजा न देने की अपील की लेकिन सऊदी अरब ने कहा कि माफ नहीं किया जा सकता? गुनाह यह था कि उन्होंने मक्का की एक मस्जिद में यौन संबंध बनाए थे। बांग्लादेश ने सजा न देने की अपील की लेकिन सऊदी अरब ने कहा कि माफ नहीं किया जा सकता?