इस्लामाबाद. पाकिस्तान में शुक्रवार को नेशनल असेंबली की 139 सीट के परिणाम घोषित किये गये जिनमें से 55 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई सर्मिथत निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. निर्वाचन आयोग द्वारा परिणाम घोषित करने में असामान्य रूप से देरी करने पर चुनाव में धांधली किये जाने के आरोप लगाए गए हैं.
मतगणना अब भी जारी है. देश में बृहस्पतिवार को चुनाव धांधली के आरोप, छिटपुट हिंसा और मोबाइल इंटरनेट बंद रहने के बीच कराए गए थे. परिणाम में देरी को लेकर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने धांधली के आरोप भी लगाए.
पाकिस्तान में इस चुनाव में दर्जनों दल मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच है.
देश में नयी सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को नेशनल असेंबली में 265 में से 133 सीट जीतनी होगी. एक उम्मीदवार की मौत के बाद एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. कुल मिलाकर, बहुमत हासिल करने के लिए 336 में से 169 सीट की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित सीट भी शामिल हैं.
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के आंकड़ों से पता चलता है कि 139 निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे घोषित किए गए हैं, जिनमें 55 निर्दलीय (ज्यादातर पीटीआई द्वारा सर्मिथत), पीएमएल-एन 43, पीपीपी 35 और अन्य सीट पर छोटी पार्टियों ने जीत दर्ज की हैं.
बृहस्पतिवार को हुए चुनाव के बाद नतीजों की घोषणा में लगातार देरी होती गई. ईसीपी ने पार्टियों, खासकर खान की पार्टी की आलोचना का सामना करने के बाद तेज गति से नतीजों को अद्यतन करना शुरू कर दिया. खान की पार्टी ने आरोप लगाया था कि उसका जनादेश चुराया जा रहा है.
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (71) जेल में हैं और उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है. खान की पार्टी के प्रत्याशियों ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, क्योंकि देश के उच्चतम न्यायालय ने उनकी पार्टी को उसके चुनाव चिह्न क्रिकेट का ‘बल्ला’ से वंचित करने के चुनाव आयोग के फैसले को बरकरार रखा था.
चुनाव में जीत दर्ज करने वाले बड़े नामों में पीएमएल-एन के शीर्ष नेता शामिल हैं, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी शामिल हैं. नवाज शरीफ ने पीटीआई सर्मिथत निर्दलीय डॉ. यास्मीन राशिद को बड़े अंतर से हराया है. नवाज को 171,024 मत मिले, जबकि राशिद ने 115,043 मत प्राप्त किये. नवाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज और बेटी मरियम नवाज के अलावा, छोटे भाई व पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी चुनाव में जीत हासिल की है. शरीफ परिवार के चारों सदस्यों ने पार्टी के गढ. लाहौर से जीत हासिल की है.
ईसीपी के अनुसार, पीटीआई पार्टी के नेता गौहर अली खान ने खैबर-पख्तूनख्वा के बुनेर क्षेत्र में एनए-10 सीट पर 110,023 मतों के साथ जीत हासिल की. उन्होंने अवामी नेशनल पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल रऊफ को हराया, जो 30,302 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. पीटीआई के नेता और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर ने भी जीत दर्ज की है. एक बड़े उलटफेर में, पीपीपी नेता बिलावल भुट्टो जरदारी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. चुनाव हारने वालों में पीटीआई पार्टी के पूर्व नेता और रक्षा मंत्री परवेज खट्टक भी शामिल हैं.
प्रांतीय असेंबली के चुनावों में ईसीपी के आंकड़ों के मुताबिक, सिंध प्रांत की असेंबली के 53 निर्वाचन क्षेत्रों के घोषित परिणामों में पीपीपी ने 45 सीट पर जीत हासिल की है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार केवल चार निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करने में कामयाब हुए. ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (जीडीए) ने दो और जमात-ए-इस्लामी और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की है. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की असेंबली के 50 निर्वाचन क्षेत्रों के घोषित परिणामों के अनुसार, तहरीक-ए-इंसाफ सर्मिथत 45 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है.
पंजाब असेंबली में पीएमएल-एन ने 39, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 33 और मुस्लिम लीग-क्यू ने दो सीट पर जीत दर्ज की है. इसी तरह, बलूचिस्तान प्रांत की असेंबली की छह सीटों के नतीजे अब तक आ चुके हैं, जहां पीएमएल-एन और बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) अवामी को एक-एक सीट पर जीत मिली है. वहीं, बलूचिस्तान में जेयूआई-एफ ने तीन, जबकि पीपीपी ने एक सीट पर जीत दर्ज की है.
टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित किये जा रहे गैर आधिकारिक रुझानों में पीटीआई सर्मिथत उम्मीदवारों ने नेशनल और प्रांतीय असेंबली की कई सीट पर अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया है. मतदान बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक हुआ, लेकिन ईसीपी ने पहले आधिकारिक परिणाम की घोषणा 10 घंटे बाद बृहस्पतिवार देर रात तीन बजे की. इस देरी को लेकर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की और नतीजों में हेरफेर किए जाने की आशंका जताई.
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने देश के आम चुनाव में शुक्रवार को अपनी जीत का दावा किया और ”परिणाम में धांधली करने के लिए चुनाव परिणामों की घोषणा में देरी किए जाने” का आरोप लगाया. दूसरी ओर, पीएमएल-एन ने भी बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में अपनी जीत का दावा किया.
खान की पार्टी ने एक बयान जारी कर पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार करने को कहा. पीएमएल-एन ने पीटीआई की इस मांग को अस्वीकार कर दिया और चुनाव में अपनी जीत का दावा किया. पीटीआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया उसने प्रपत्र 45 से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 265 में से 150 से अधिक नेशनल असेंबली की सीट जीत ली हैं. प्रपत्र 45 निम्नतम स्तर पर चुनाव परिणामों का प्राथमिक स्रोत हैं और ये हर मतदान केंद्र में प्रत्येक उम्मीदवार के मतों को दर्शाते हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री खान की पार्टी ने कहा, ”स्वतंत्र रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई ने नेशनल असेंबली की 150 से अधिक सीट पर जीत हासिल कर ली है और संघीय, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में सरकार बनाने के लिये मजबूत स्थिति में है.” खान की पार्टी ने कहा, ”लेकिन देर रात नतीजों में हेरफेर करना पूरी तरह से शर्मनाक है और जनादेश की खुलेआम चोरी है. पाकिस्तान के लोग धांधली वाले नतीजों को पूरी तरह खारिज करते हैं. दुनिया देख रही है.” पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों पर परिणामों में हेरफेर करने का आरोप लगाया. पीटीआई ने एक और बयान जारी कर शरीफ से अपनी हार स्वीकार करने को कहा.
खान की पार्टी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”नवाज शरीफ थोड़ी गरिमा दिखाइए, हार स्वीकार कीजिए. पाकिस्तान की जनता आपको कभी स्वीकार नहीं करेगी. लोकतांत्रिक नेता के रूप में विश्वसनीयता हासिल करने का यह एक सुनहरा अवसर है. दिनदहाड़े डकैती को पाकिस्तान बड़े पैमाने पर खारिज कर देगा.” पीएमएल-एन नेता मरियम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पिछली रात मीडिया के एक वर्ग द्वारा जानबूझकर बनाई गई गलत धारणा के विपरीत, पीएमएल-एन, केंद्र और पंजाब में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है.”
इस बीच, पीएमएल-एन नेता इशाक डार ने कहा कि 2024 के आम चुनावों में विजयी होने वाले स्वतंत्र उम्मीदवार पार्टी के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, ”अगर निर्दलीय किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए तो वे आरक्षित सीट गंवा देंगे. निर्दलीय पंजाब में पीएमएल-एन की सफलता के करीब भी नहीं हैं.” गृह मंत्रालय ने कहा है कि उसने परिणामों में देरी के संबंध में मीडिया और जनता के बीच जताई गई चिंताओं पर गौर किया है. मंत्रालय ने परिणामों की घोषणा में देरी के लिए ”संचार की कमी” को जिम्मेदार ठहराया क्योंकि शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था.
ईसीपी द्वारा परिणामों की घोषणा में अधिक देरी ने बहुत भ्रम पैदा किया. पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में सबसे अधिक भ्रम की स्थिति तब देखी गई जब मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट ने दावा किया कि वह शहर की नेशनल असेंबली की 22 सीट में से 18 सीट जीत चुकी है, लेकिन इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है. प्रतिद्वंद्वी पार्टियों जमात-ए-इस्लामी और पीपीपी, दोनों ने एमक्यूएम के दावे को खारिज कर दिया.
इमरान खान की पार्टी ने पीपीपी, पीएमएल-एन के साथ गठबंधन से इनकार किया
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने शुक्रवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के साथ गठबंधन करने से इनकार करते हुए कहा कि वह अपने बलबूते संघीय सरकार बनाने की स्थिति में है.
चुनाव आयोग ने अब तक नेशनल असेंबली की 139 सीट के नतीजों की घोषणा की है, जिसमें से 55 सीट पर खान की पार्टी द्वारा सर्मिथत निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है. पीएमएल-एन को 43 सीट पर जीत मिली है, जबकि पीपीपी के खाते में 35 सीट गई है.
बहुमत हासिल करने के लिए 336 में से 169 सीट की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित सीट भी शामिल हैं.
‘जियो न्यूज’ ने पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर खान के हवाले से कहा, ”हम पीपीपी या पीएमएल-एन के संपर्क में नहीं हैं.” गौहर खान ने दावा किया कि उनकी पार्टी नेशनल असेंबली की 150 सीट जीत रही है और केंद्र में सरकार बनाने के लिए आवश्यक सीट हासिल करने में सक्षम होगी.
उन्होंने कहा, ”हम पीपीपी और पीएमएल-एन के साथ गठबंधन सरकार बनाने का इरादा नहीं रखते हैं.” गौहर खान ने कहा, ”हम केंद्र और पंजाब में सरकार बनाएंगे.” उन्होंने कहा कि पीटीआई को खैबर पख्तूनख्वा में स्पष्ट बढ.त हासिल है और वह वहां भी सरकार बनाएगी. गौहर खान ने कहा कि स्वतंत्र उम्मीदवार पीटीआई के हैं और जोर दिया कि वे किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होंगे.
उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब पीएमएल-एन नेता इसहाक डार ने कहा कि जीते हुए निर्दलीय उम्मीदवार उनकी पार्टी के संपर्क में हैं. पूर्व वित्त मंत्री ने शुक्रवार को ‘जियो न्यूज’ से बातचीत में कहा, ”निर्दलीय उम्मीदवार ने हमसे संपर्क किया है और वे संविधान के अनुसार अगले 72 घंटों में किसी भी पार्टी में शामिल हो जाएंगे.”