लंदन. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति ने बुधवार को राजनीतिक मंच पर पहली बार पदार्पण किया. वह मैनचेस्टर में कंजरवेटिव पार्टी के सम्मेलन में अपने पहले भाषण के लिए ”सबसे अच्छे दोस्त” ऋषि सुनक का परिचय देने के लिए सामने आईं.
अक्षता ने हल्के-फुल्के अंदाज में अपने संबोधन के दौरान दावा किया कि उनके पति वार्षिक सम्मेलन के लिए बिना निमंत्रण के उनके आने से अनजान थे और उनके (अक्षता) फैसले ने उनकी बेटियों- कृष्णा और अनुष्का को भी हैरान कर दिया. ‘इंफोसिस’ के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता (43) ने सुनक की कई उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया और बताया कि वह उनकी ”ईमानदारी और सत्यनिष्ठा” से प्रभावित हुईं जब वे स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में छात्रों के रूप में मिले थे.
अक्षता ने कहा, ”ऋषि और मैं एक दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त हैं. हम एक टीम हैं और मैं उनके और पार्टी के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए आज यहां के अलावा कहीं और होने की कल्पना भी नहीं कर सकती.” उन्होंने कहा, ”ऋषि और मेरी मुलाकात तब हुई जब हम 24 साल के थे. उस समय हम दोनों अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे. शुरू से ही, मैं उनके बारे में दो बातों से प्रभावित हुई थी…अपने घर, ब्रिटेन के प्रति उनका गहरा प्यार और यह सुनिश्चित करने की उनकी ईमानदार इच्छा कि अधिक से अधिक लोगों को अवसर मिले. ऋषि के साथ रहने का फैसला करना, मेरी जिंदगी का सबसे आसान फैसला था.” अक्षता के अनुसार, एक शब्द जो उनके पति को व्यक्त करता है वह है ”आकांक्षा”, जो उन्हें ब्रिटेन के बेहतर भविष्य के लिए काम करने के लिए प्रेरित करती है.
अपने संबोधन में हल्के-फुल्के पलों के दौरान, अक्षता ने सुनक की रोमांटिक कॉमेडी को पसंद करने के बारे में मीडिया की खबरों की पुष्टि की और उन्हें ”मजेदार, विचारशील और दयालु” बताया. अक्षता ने कहा, ”उनमें जीवन के प्रति अद्भुत उत्साह है. जिस चीज ने मुझे उनकी ओर सबसे ज्यादा आर्किषत किया, वह थी उनके चरित्र की ताकत, उनकी ईमानदारी, उनकी सत्यनिष्ठा और सही-गलत की दृढ़ समझ. यही कारण है, शादी के 14 साल बाद भी, मैं आज भी उनकी ओर आर्किषत हूं.”
ब्रिटेन एक नस्लवादी देश नहीं है; मेरी गाथा एक ब्रिटिश कहानी है: प्रधानमंत्री सुनक
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन एक नस्लवादी देश नहीं है और उनकी गाथा एक ब्रिटिश कहानी है. सुनक ने पार्टी नेता के रूप में कंजरवेटिव पार्टी के अपने पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटेन एक नस्लवादी देश नहीं है और उनकी त्वचा का रंग कोई ”बड़ी बात” नहीं है.
उन्होंने कार्यभार संभालने के लगभग एक साल बाद इस भाषण को अपने राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण भाषण करार दिया.
सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति ने राजनीतिक मंच पर पहली बार पदार्पण किया. वह मैनचेस्टर में कंजरवेटिव पार्टी के सम्मेलन में अपने पहले भाषण के लिए ”सबसे अच्छे दोस्त” ऋषि सुनक का परिचय देने के लिए सामने आईं. इसके बाद सुनक ने अपनी योजनाओं के बारे में बताया कि उन्हें उम्मीद है कि अगले चुनावों में उन्हें ब्रिटिश जनता का जनादेश मिलेगा.
सुनक ने कहा, ”कभी भी किसी को यह न कहें कि यह एक नस्लवादी देश है. ऐसा नहीं है.” उन्होंने कहा, ”मेरी गाथा एक ब्रिटिश कहानी है. एक कहानी इस बारे में है कि कैसे एक परिवार तीन पीढि.यों तक थोड़े से लोगों के साथ डाउनिंग स्ट्रीट तक पहुंच सकता है.” उन्होंने दर्शकों में अपने अग्रिम पंक्ति के कैबिनेट सदस्यों की ओर इशारा किया, जिनमें भारतीय मूल की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन और ऊर्जा मंत्री क्लेयर कॉटिन्हो भी शामिल थीं.
उन्होंने कहा, ”मुझे पहले ब्रिटिश एशियाई प्रधानमंत्री होने पर गर्व है, लेकिन आप जानते हैं, मुझे इससे भी अधिक गर्व है कि यह कोई बड़ी बात नहीं है. और बस याद रखें: यह कंजरवेटिव पार्टी थी जिसने ऐसा किया, न कि (विपक्षी) लेबर पार्टी ने.” सुनक ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों से जुड़ी कई घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा, ”मेरा प्रस्ताव है कि भविष्य में हम धूम्रपान की उम्र हर साल एक वर्ष बढ़ा दें. इसका अर्थ है कि आज 14 साल के बच्चे को कभी भी कानूनी तौर पर सिगरेट नहीं बेची जाएगी और वे और उनकी पीढ़ी धूम्रपान मुक्त हो सकते हैं.”