मेलबर्न. फलस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं द्वारा ऑस्ट्रेलिया में सैकड़ों यहूदी लोगों का व्यक्तिगत विवरण प्रकाशित किए जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह ‘डॉक्सिंग’ को गैरकानूनी घोषित करेगी. ‘डॉक्सिंग’ का मतलब विषय संबंधी अनुमति के बिना दुर्भावनापूर्ण तरीके से व्यक्तिगत या पहचान उजागर होने संबंधी जानकारी को ऑनलाइन जारी करने से है. अटॉर्नी-जनरल मार्क ड्रेफस ने कहा कि प्रस्तावित कानून में इस तरह की चीजों के लिए सोशल मीडिया मंचों पर जुर्माना लगाने जैसे प्रावधान शामिल होंगे.
सरकार ने ‘नाइन एंटरटेनमेंट’ की इस खबर के बाद प्रतिक्रिया दी कि फलस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं ने शैक्षणिक और रचनात्मक उद्योगों में काम करने वाले यहूदी लोगों के नाम, चित्र, पेशे और सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में जानकारी प्रकाशित की थी.
ड्रेफस खुद एक यहूदी हैं. उन्होंने कहा कि नया कानून घृणास्पद भाषण के संबंध में ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा.
उन्होंने कहा, ”डॉक्सिंग जैसी चीजों से लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए ऑनलाइन मंचों का बढ़ता इस्तेमाल व्यथित करने वाला घटनाक्रम है.” मोनाश विश्वविद्यालय के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ निगेल फेयर ने ‘डॉक्सिंग’ के खिलाफ कानून के विचार की सराहना की, लेकिन सवाल उठाया कि इसे लागू कैसे किया जाएगा.