वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की योजना शुरुआत में वर्ष 2020 में बनाई गई थी। उस समय इसे टी-20 नाम दिया गया था। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने टी-18 (डे ट्रेन) और टी-20 (स्लीपर ट्रेन) दोनों का कॉन्सेप्ट और डिज़ाइन तैयार किया था। टी-18 वर्ष 2019 में वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में पटरियों पर आई, जबकि टी-20 यानी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अब लगभग 6 साल बाद शुरू हो पाई है।
भारतीय रेलवे दिन ब दिन अपने यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए खास कदम उठा रहा है. इस बीच दिल्ली से वाराणसी जाने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत की गई है. इस ट्रेन के जरिए यात्रियों का सफर कम समय में तो पूरा होगा ही, इसके अलावा भी इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधाओं का खास ध्यान दिया गया है. इस ट्रेन से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. ये वीडियो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच का है.
दरअसल, इस वीडियो को सोशल मीडिया पर एक इंफ्लुएंसर ने शेयर किया है. इसमें फर्स्ट एसी कूप की झलक दिखाई गई है. साथ ही इसमें यात्रियों के लिए सारी सुविधाएं भी दिखाई गई है.
स्पीड और यात्रा समय
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम डिज़ाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है। हालांकि, रूट की क्षमता के अनुसार इसकी वास्तविक औसत स्पीड कम रहेगी। पीआईबी के अनुसार यह ट्रेन सिर्फ 52 सेकेंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इस ट्रेन से यात्रियों का करीब 3 घंटे का समय बचेगा। नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे के अनुसार, ट्रेन 17 जनवरी को दोपहर 1:15 बजे कामख्या से रवाना होकर अगले दिन सुबह 3:55 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इस दौरान औसत गति लगभग 65 किमी/घंटा रहेगी। कामख्या–हावड़ा रूट की कुल दूरी लगभग 958 किलोमीटर है।
क्यों खास है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?
आधुनिक और स्वदेशी तकनीक
तेज़ रफ्तार और कम यात्रा समय
राजधानी एक्सप्रेस का आधुनिक विकल्प
स्लीपर सुविधा के साथ प्रीमियम सेवाएं
बेहतर आराम, सुरक्षा और खान-पान