केंद्र ने युवाओं के भविष्य को महज ”राजस्व बढ़ाने की कवायद” तक सीमित कर दिया है: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 04 Aug 2024 09:24 PM
केंद्र ने युवाओं के भविष्य को महज ”राजस्व बढ़ाने की कवायद” तक सीमित कर दिया है: कांग्रेस
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने लाखों युवाओं के भविष्य को महज ”राजस्व बढ़ाने की कवायद” तक सीमित कर दिया है. पार्टी ने दावा किया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पिछले छह साल में 448 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 31 जुलाई को राज्यसभा में एनटीए से संबंधित एक प्रश्न पर शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार के जवाब को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया.

उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ”एनटीए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) घोटाले के केंद्र में है. यह शिक्षा मंत्रालय का एक निकाय है जिसका एकमात्र उद्देश्य निजी’वेंडर्स’ को ‘आउटसोर्सिंग’ के जरिये काम पर रखकर कार्य करना है. उन्होंने कहा, ” न केवल इन ‘वेंडर्स’ की साख अक्सर संदेह के घेरे में होती है, बल्कि खुद एनटीए की कमान एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में है जो जब मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष थे तब वहां बड़े घोटाले सामने आए थे.”

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राज्यसभा में एक जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने खुलासा किया है कि एनटीए ने अनुमानित रूप से 3,512.98 करोड़ रुपये एकत्र किए, जबकि उसने परीक्षाओं के संचालन पर 3,064.77 करोड़ रुपये खर्च किए ”इसलिए उसे पिछले छह वर्षों में 448 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है.” उन्होंने कहा,”लेकिन इस कोष का इस्तेमाल एजेंसी की खुद परीक्षा कराने की क्षमता विकसित करने या इसके ‘वेंडर्स’ के लिए नियामक और निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नहीं किया गया.” उन्होंने कहा,” भारत के लाखों युवाओं का भविष्य अंतत? नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री की सरकार के लिए केवल राजस्व जुटाने की कवायद बनकर रह गया है.”

मोदी सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही जारी नहीं रख सकती: कांग्रेस

कांग्रेस ने देश भर में कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ.ावा देने के लिए वर्ष 2019 में शुरू की गई ‘पीएम-कुसुम’ पहल के क्रियान्वयन को लेकर रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में इस तरह की ”लापरवाही” को जारी नहीं रख सकती. कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने देश भर में कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ.ावा देने के लिए 2019 में बड़े धूमधाम से शुरू की गई ‘पीएम-कुसुम’ योजना के बारे में कुछ ”चौंकाने वाले तथ्य” सामने रखे हैं.

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”ये 2026 में लक्ष्य को पूरा किए जाने से दो साल पहले यानी 2024 की अद्यतन जानकारी है: वादा- कृषि भूमि पर 10,000 मेगावाट के विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे. हकीकत- 256 मेगावाट के संयंत्र ही लगाए गए हैं (जा लक्ष्य का 2.56 प्रतिशत है).” उन्होंने लिखा, ”वादा: 14 लाख सौर पंप लगाए जाएंगे. हकीकत: 3.97 लाख सौप पंप लगाए गए (जो लक्ष्य का लगभग 28 प्रतिशत है).”

रमेश ने कहा, ”वादा: 35 लाख अतिरिक्त पंप को सौर ऊर्जा से संचालित करने योग्य बनाया जाएगा. वास्तविकता: 13,562 पंप को सौर ऊर्ज से संचालित करने योग्य बनाया गया (जो लक्ष्य का 0.38 प्रतिशत है).” उन्होंने कहा कि जिस एकमात्र क्षेत्र में योजना के तहत ठीक-ठाक प्रदर्शन किया गया है वह सौर पंपों का लगाया जाना है.

उन्होंने कहा कि आगे के विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकतर पंप केवल तीन राज्यों छत्तीसगढ., राजस्थान और महाराष्ट्र में स्थापित किए गए हैं और गौर करने वाली बात यह है कि इन सभी राज्यों में ‘सिंगल-इंजन’ सरकार थी, जिसे इस अवधि (2019-2024) के अधिकतर समय में कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों द्वारा चलाया गया.

उन्होंने कहा कि जलवायु संवेदनशीलता और स्वच्छ ऊर्जा के लिए पर्याप्त आर्थिक प्रोत्साहन से साफ है कि परंपरागत स्रोतों के बजाय नवीकरणीय स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन भारत के लिए एक प्रमुख आर्थिक प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, ” ‘नॉन-बायोलॉजिकल’ प्रधानमंत्री और उनकी सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में ऐसी लापरवाही जारी नहीं रख सकती.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu