छत्तीसगढ़ पांच साल से ‘ग्रहण’ के अधीन है, अब इसे हटाने का समय आ गया: नड्डा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 29 Oct 2023 10:11 PM
छत्तीसगढ़ पांच साल से ‘ग्रहण’ के अधीन है, अब इसे हटाने का समय आ गया: नड्डा
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डोंगरगढ़/पंडरिया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर लोगों के कल्याण की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य पांच साल से ‘ग्रहण’ के अधीन है एवं अब इसे हटाने का समय आ गया है.

नड्डा ने राज्य के डोंगरगढ़ और पंडरिया विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के कल्याण की नहीं बल्कि हमेशा अपने या अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचती है. उन्होंने कहा कि लोगों को यह तय करना होगा कि वे ऐसी सरकार चुनना चाहते हैं जो खुद की सेवा करती हो या वह , जो लोगों की सेवा करती हो.

छत्तीसगढ़ में ‘भ्रष्टाचार’ को लेकर भूपेश बघेल सरकार पर निशाना साधते हुए, नड्डा ने कहा, ”शनिवार को चंद्र ग्रहण था. छत्तीसगढ़ पांच साल से ग्रहण के अधीन है और इसे हटाने का अवसर आ गया है.” नड्डा ने डोंगरगढ़ के ठेलकाडीह गांव में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में अपनी पहली चुनावी रैली का शंखनाद देवी मां बम्लेश्वरी की पावन धरती से किया.

डोंगरगढ़, पहाड़ी में स्थित मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है. यह छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का सीमावर्ती इलाका है. भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ”छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा विकास के लिए रखी गई एक भी ईंट या पत्थर नहीं है. लेकिन मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भाजपा राज्य में विकास की हर एक ईंट पर अपनी भूमिका का दावा कर सकती है.”

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने कभी भी लोगों के बारे में नहीं सोचा, उसने केवल अपने और अपने परिवार के बारे में सोचा.. कांग्रेस (तत्कालीन मध्य प्रदेश) में मुख्यमंत्रियों की एक लंबी श्रृंखला थी, अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा और श्यामाचरण शुक्ला. वहीं प्रधानमंत्रियों (केंद्र में पिछली कांग्रेस सरकार में) की भी एक लंबी श्रृंखला थी. लेकिन छत्तीसगढ़ को इसका नाम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने दिया था. उसने (कांग्रेस ने) यहां शासन किया लेकिन कभी छत्तीसगढ़ के बारे में नहीं सोचा और यह वाजपेयी जी ही थे जिन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों के बारे में सोचा.” केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान मध्य प्रदेश को विभाजित कर 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया गया था.

भाजपा अध्यक्ष ने बघेल सरकार में कथित घोटालों को गिनाते हुए पूछा ,”क्या यह सरकार भ्रष्ट है या नहीं? क्या इस सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार है?” (जिस पर सभा में मौजूद लोगों ने हां में जवाब दिया).” नड्डा ने कहा, ”यदि आप ऐसी सरकार चुनना चाहते हैं जो लोगों की सेवा करती है तो भाजपा को वोट दें.” उन्होंने लोगों से डोंगरगढ़ सीट से भाजपा के उम्मीदवार विनोद खांडेकर को समर्थन देने और राज्य में पार्टी को सत्ता में लाने की अपील की.

पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जनता के लिए जीते हैं और जनता की सेवा करते हैं,लेकिन कांग्रेस के नेता अपने लिए जीते हैं. उन्होंने दोनों रैलियों में कहा, ”भाजपा और कांग्रेस सरकार में अंतर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने (पीएम आवास योजना के तहत) चार करोड़ घर बनाने का वादा किया था, जिसमें से 3.50 करोड़ का निर्माण किया जा चुका है. केंद्र ने छत्तीसगढ़ के लिए 14.80 लाख घर स्वीकृत किए थे, लेकिन भूपेश बाबू ने 12 लाख घर बनाने की अनुमति नहीं दी.” उन्होंने जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना सहित केंद्र की विभिन्न योजनाओं को जनता के सामने रखा.

नड्डा ने कहा, ”मोदी जी ने 13.5 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. भारत में अत्यंत गरीबों की संख्या घटकर एक फीसदी से भी कम हो गई है. मोदी जी ने (हाल में) बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट का उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र के 50 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.” भाजपा ने कबीरधाम जिला पंचायत की अध्यक्ष और पार्टी की राज्य महिला शाखा की सचिव भावना बोहरा को पंडरिया से मैदान में उतारा है.

इससे पहले नड्डा ने खैरागढ़, छुईखदान और गंडई कस्बे में रोड शो किया. डोंगरगढ़, पंडरिया और खैरागढ़ उन 20 विधानसभा क्षेत्रों में से हैं जहां सात नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा. अन्य 70 सीटों पर दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा.

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