भोपाल/गुना. मध्य प्रदेश के गुना जिले में डंपर ट्रक से टक्कर के बाद एक निजी बस में आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ.कर 13 हो गई. एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के पास रूट पर चलने का परमिट नहीं था और न ही फिटनेस प्रमाणपत्र था. इसके मालिक ने कुछ समय पहले इसका पंजीकरण रद्द करने के लिए आवेदन किया था.
घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कथित लापरवाही के लिए एक परिवहन अधिकारी और गुना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा की. बुधवार रात करीब नौ बजे गुना-आरोन रोड पर डंपर ट्रक से टकराने के बाद बस पलट गई और उसमें आग लग गई.
अनुविभागीय दंडाधिकारी दिनेश सांवले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बृहस्पतिवार को एक शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ.कर 13 हो गई. संदेह है कि यह शव डंपर चालक का हो सकता है. पुलिस ने कहा कि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय बस आरोन की ओर जा रही थी जबकि डंपर गुना की ओर जा रहा था. पुलिस अधीक्षक विजय खत्री ने कहा कि घटना के समय बस में लगभग 30 यात्री थे और उनमें से चार किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में कामयाब रहे और घर चले गए.
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ”गुना बस हादसा भयावह है. मैं और मेरी सरकार इस घटना से बेहद दुखी है. मैं पहले ही कह चुका हूं कि घटना की जांच होनी चाहिए.” उन्होंने कहा, ”हम यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे कि ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो. हालांकि यह जांच का विषय है कि आग कैसे लगी.” एक अधिकारी ने बताया कि गुना के एक अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद यादव ने मामले में लापरवाही के आरोप में गुना के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी डी कतरोलिया को निलंबित करने का आदेश दिया.
अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, जिला कलेक्टर ने घटना की जांच करने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. उन्होंने कहा कि समिति को विभिन्न मुद्दों पर तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. खासकर कि क्या दुर्घटना में शामिल दो वाहनों के पास सभी कानूनी अनुमतियां थीं और बस में आग कैसे लगी.
निलंबित होने से पहले, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया ने संवाददाताओं से कहा, ”बस के पास न तो रूट पर चलने का वैध परमिट था और न ही फिटनेस प्रमाणपत्र था.” बरेलिया ने यह भी बताया कि बस का पंजीकरण रद्द करने के लिए मालिक की ओर से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में दो महीने पहले आवेदन दिया गया था, लेकिन कर नहीं चुकाने के कारण यह लंबित था.
अधिकारी ने कहा कि बस का उपयोग कुछ समय से नहीं किया जा रहा था क्योंकि उसके पास रूट के लिए परमिट नहीं था, लेकिन जाहिर तौर पर बुधवार को दूसरे यात्री वाहन के स्थान पर इस बस का परिचालन किया गया जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश, लापरवाही के आरोप में दो अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को डंपर से टकराने के बाद बस में आग लगने की घटना के संबंध में कथित लापरवाही के लिए गुना के एक परिवहन अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया. बुधवार रात गुना जिले में हुए इस हादसे में 13 लोगों की जलकर मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए. मुख्यमंत्री यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो तथा यह जांच का विषय है कि आग कैसे लगी.
अधिकारियों के मुताबिक बुधवार रात करीब नौ बजे गुना-आरोन रोड पर डंपर से टकराने के बाद निजी बस में आग लग गई. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ”गुना बस हादसा भयावह है. मैं और मेरी सरकार इस घटना से बेहद दुखी है. मैं पहले ही कह चुका हूं कि घटना की जांच होनी चाहिए.”
उन्होंने कहा, ”हम यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे कि ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो. हालांकि यह जांच का विषय है कि ऐसी आग कैसे लगी.” एक अधिकारी ने बताया कि गुना के एक अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद यादव ने मामले में लापरवाही के आरोप में गुना के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी डी कतरोलिया को निलंबित करने का आदेश दिया.
अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, जिला कलेक्टर ने घटना की जांच करने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. उन्होंने कहा कि समिति को विभिन्न मुद्दों पर तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. खासकर कि क्या दुर्घटना में शामिल दो वाहनों के पास सभी कानूनी अनुमतियां थीं और बस में आग कैसे लगी.
अनुविभागीय दंडाधिकारी सांवले ने बताया कि दुर्घटना के बाद बस आग के गोले में तब्दील हो गई और 13 लोगों की जलकर मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय बस आरोन की ओर जा रही थी जबकि डंपर गुना की ओर जा रहा था. पुलिस अधीक्षक विजय खत्री ने कहा कि घटना के समय बस में लगभग 30 यात्री थे और उनमें से चार किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में कामयाब रहे और अपने घर चले गए हैं.
गुना बस हादसा: परिवहन आयुक्त, जिला कलेक्टर, एसपी का तबादला
गुना जिले में हुई बस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को राज्य परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा, जिला कलेक्टर तरुण राठी और पुलिस अधीक्षक विजय खत्री के तबादले के आदेश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन वाहनों के परमिट और अन्य दस्तावेजों की नियमित जांच करके यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि ऐसी घटना न हों. इसके बाद राज्य सरकार ने पहले कलेक्टर का तबादला आदेश जारी किया, उसके बाद राज्य परिवहन आयुक्त और गुना के एसपी का तबादला आदेश जारी किया गया. झा और खत्री दोनों को पुलिस मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि राठी को अतिरिक्त सचिव के रूप में राज्य सचिवालय में स्थानांतरित किया गया.
प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह से परिवहन विभाग का प्रभार लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजेश राजौरा को दे दिया गया.
एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री यादव ने मामले में लापरवाही के आरोप में गुना के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और मुख्य नगर अधिकारी वी डी कतरोलिया को निलंबित करने का आदेश दिया.