नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को बताया कि पिछले छह वर्षों में राजनीतिक नेताओं के अलावा मौजूदा और पूर्व सांसदों और विधायकों के खिलाफ धन शोधन के कुल 132 मामले दर्ज किए गए हैं. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को एक लिखित जवाब के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर), विचाराधीन मामलों और दोषसिद्धि से संबंधित आंकड़े साझा किए.
उन्होंने एक जनवरी, 2019 से इस साल 31 जुलाई के बीच ”मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों और राजनीतिक नेताओं या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े किसी भी व्यक्ति” के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईसीआईआर का ब्योरा दिया.
जवाब के अनुसार, ईडी ने 2019 में 15 प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) या धन शोधन के मामले दर्ज किए. इसके बाद 2020 में 28 मामले, 2021 में 26 मामले, 2022 में 34 मामले, 2023 में 26 मामले और 2024 में 31 जुलाई तक तीन मामले दर्ज किए.
जवाब में कहा गया है कि इन मामलों में कुल तीन मामलों में अदालती सुनवाई पूरी हुई – एक 2020 में और दो 2023 में. जवाब के अनुसार, इन मामलों में 2020 में केवल एक दोषसिद्धि की सूचना मिली थी.