पश्चिम बंगाल: पूर्व मंत्री के15 ठिकानों पर ED की रेड, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दस्तावेजों की जांच

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और अन्य से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई; मासआर्ट और दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Tue, 29 Sep 2026 09:48 AM
पश्चिम बंगाल: पूर्व मंत्री के15 ठिकानों पर ED की रेड, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दस्तावेजों की जांच

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पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और कुछ अन्य लोगों से जुड़े 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही जांच का हिस्सा है।

जांच का संबंध दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो आयोजित करने वाली संस्था महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी (MassArt) से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन से बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले संस्था और उससे जुड़े लोगों पर यूनेस्को के नाम के इस्तेमाल और प्रीव्यू शो के लिए टिकटों से संबंधित आरोप लगाए गए थे।

15 ठिकानों पर ED की तलाशी

अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने इंद्रनील सेन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के परिसरों सहित कुल 15 स्थानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य सामग्री की पड़ताल कर रही है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित धन के प्रवाह और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाना बताया गया है।

क्या है MassArt से जुड़ा मामला?

मासआर्ट की अध्यक्षता इंद्रनील सेन की पत्नी मधुच्छंदा सेन करती हैं। जून 2026 में इस संस्था और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संस्था ने दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के लिए टिकट बेचते समय यूनेस्को से जुड़े होने का दावा किया था।

शिकायत के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच चुनिंदा दुर्गा पूजा पंडालों के प्रीव्यू शो के लिए टिकट बिक्री की गई थी। इन दावों को लेकर MassArt की ओर से आरोपों का खंडन भी किया गया था और संस्था के एक पदाधिकारी ने यूनेस्को की भागीदारी से संबंधित दस्तावेज होने की बात कही थी।

अब ED की जांच में क्या देखा जा रहा है?

ईडी की मौजूदा कार्रवाई में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। एजेंसी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल करेगी ताकि संबंधित वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोत एवं इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

फिलहाल, छापेमारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया नहीं गया है। मामले में जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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