नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को सूचित किया कि मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को ‘कैशलेस’ उपचार प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार की गई है और चंडीगढ़ तथा असम में प्रायोगिक आधार पर उसका कार्यान्वयन शुरू किया है.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस योजना के तहत पीड़ितों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए 1.5 लाख रुपये तक के ट्रॉमा और पॉलीट्रॉमा देखभाल से संबंधित स्वास्थ्य लाभ पैकेज दिए जाते हैं.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, “मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सहयोग से किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को कैशलेस उपचार प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार की है और चंडीगढ़ और असम में प्रायोगिक आधार पर उसका कार्यान्वयन शुरू किया है.”