नयी दिल्ली. दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित इजराइल के दूतावास के पास मंगलवार शाम को हुए विस्फोट मामले में सीसीटीवी कैमरे में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि विस्फोट से कुछ देर पहले दो युवकों को घटनास्थल के करीब सड़क पर चलते हुए देखा जा सकता है. सुरक्षा एजेंसियों ने अब्दुल कलाम रोड और पृथ्वीराज रोड पर कई सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले हैं.
एक अधिकारी ने कहा कि इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में गश्त बढ़ा दी है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ बुधवार को सुबह घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने पत्तियों व घास के नमूने एकत्र किए, जिसके बारे में उन्हें संदेह था कि इसमें विस्फोट में इस्तेमाल किए गए रसायन हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि एनएसजी के श्वान दस्ते ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया.
फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने उस स्थान पर ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ के साथ स्थानों को चिह्नित किया है, जहां मंगलवार की शाम को कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था. सूत्रों ने बताया कि विशेषज्ञों ने विस्फोट की तीव्रता का पता लगाने के लिए चुंबकीय उपकरणों का इस्तेमाल किया. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अर्धसैनिक बल के जवानों को वहां तैनात किया गया.
एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने पर विचार कर रही है. एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने चाणक्यपुरी स्थित दूतावास के पास विस्फोट के बाद राष्ट्रीय राजधानी में भी सुरक्षा बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में इजराइल दूतावास और यहूदी प्रतिष्ठानों के आसपास के इलाकों में सुरक्षार्किमयों की निगरानी बढ़ाई गई है.
घटनास्थल का दौरा करने वाले सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि चूंकि घटनास्थल पर विस्फोटक का कोई अवशेष नहीं मिला, इसलिए ”रासायनिक विस्फोट” की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से इजराइली राजदूत को ”अभद्र” भाषा में संबोधित एक पत्र बरामद किया गया है. उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है.
अधिकारियों ने कहा कि फिंगर प्रिंट की पहचान के लिए पत्र को फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है. एक पुलिस सूत्र ने कहा, ”यह अंग्रेजी भाषा में लिखा गया एक पृष्ठ का पत्र है. इसके तार किसी ‘सर अल्लाह रेजिस्टेंस’ नामक संगठन से जुड़े होने की आशंका है. पत्र में यहूदी, फलस्तीन और गाजा जैसे शब्द लिखे गए हैं.” विस्फोट और पत्र बरामद होना दूतावास के समीप 2021 में हुए विस्फोट की याद दिलाता है जिसमें कुछ कारें क्षतिग्रस्त हुई थीं. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उस मामले की जांच की थी. अधिकारियों ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइली दूतावास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गयी है.
इजराइल दूतावास के निकट सक्रिय सभी फोन कॉल की पड़ताल की जाएगी: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस मंगलवार रात हुए कम तीव्रता के विस्फोट की जांच के सिलसिले में इजराइल दूतावास के निकट सक्रिय मोबाइल नंबरों पर आई-गईं फोन कॉल की पड़ताल करेगी. पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, ह्लकॉल की पड़ताल करना मुश्किल काम है, लेकिन विशेष जांच तकनीकों और आसपास के नंबरों का पता लगाकर हम यह जान सकेंगे के उस इलाके के निकट और आसपास कौन मौजूद था, जहां कम तीव्रता का विस्फोट हुआ. ” पुलिस ने कहा कि कई अलग-अलग सोशल मीडिया एप्लिकेशन की पड़ताल करने की जरूरत है और संबंधित कंपनियों से संपर्क किया जाएगा.
इजराइली दूतावास के पास धमाका पर पुलिस ने कहा, साजिशकर्ता जानते थे कि वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं है
राष्ट्रीय राजधानी स्थित इजराइली दूतावास के नजदीक हुए धमाके की जांच कर रहे अधिकारियों को संदेह है कि यह एक साजिश थी और साजिश रचने वाले जानते थे कि पृथ्वीराज रोड के उस हिस्से में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है. पृथ्वीराज रोड पर भूखंड संख्या- 4 पर बने घर (नंदा हाउस) और भूखंड संख्या 2 ए पर केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के बीच के क्षेत्र में मंगलवार शाम को कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था. सूत्रों ने बताया कि उस इलाके में झाड़ियां, पौधे और पेड़ हैं तथा कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है.
यह इलाका पृथ्वीराज रोड के समानांतर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर इजरायली दूतावास के पीछे है.
सूत्रों ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड की तुलना में उस स्थान पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जबकि दूतावास के बाहर और पास एक दर्जन से अधिक कैमरे लगे हैं. एक सूत्र ने कहा,”नंदा हाउस और हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के प्रवेश द्वारों के अंदर सीसीटीवी लगे हैं.” उन्होंने बताया कि अन्य घरों के प्रवेश द्वारों पर भी कैमरे लगाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक इन कैमरों से प्राप्त फुटेज में दो युवा समेत कुछ लोग इलाके में घूमते दिख रहे हैं, लेकिन वे अभी संदिग्धों की सूची में नहीं हैं.