उत्तरी गाजा में इजराइली हमलों में 22 लोगों की मौत: फलस्तीनी अधिकारी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 27 Oct 2024 07:16 PM
उत्तरी गाजा में इजराइली हमलों में 22 लोगों की मौत: फलस्तीनी अधिकारी
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दीर अल बला. उत्तरी गाजा पर इजराइल द्वारा किए गए हमलों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई है. फलस्तीनी चिकित्सीय अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. बुरी तरह प्रभावित उत्तरी क्षेत्र में इजराइल के हमले तीसरे सप्ताह भी जारी हैं और सहायता समूहों ने इसे मानवीय आपदा बताया है.

इस बीच, उत्तरी तेल अवीव में रविवार को एक ट्रक ‘बस स्टॉप’ से जा टकराया, जिससे दर्जनों लोग घायल हो गये. इजराइली बचाव सेवा ‘मैगन डेविड अडोम’ ने बताया कि चिकित्सक दर्जनों लोगों का उपचार कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के पीछे की परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हो पाई हैं लेकिन फलस्तीनियों ने अतीत में इस प्रकार के कई हमले किए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा ने बताया कि उत्तरी शहर बेत लाहिया में शनिवार देर रात कई मकानों एवं इमारतों पर हुए इन हमलों में मारे गए लोगों में 11 महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं. उसने कहा कि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ. सकती है.

इजराइली सेना ने कहा कि उसने बेत लाहिया में एक इमारत में चरमपंथियों पर हमला किया और आम नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए कदम उठाए. उसने ”मीडिया द्वारा प्रकाशित आंकड़ों” को गलत बताया लेकिन स्वयं हताहतों की कोई संख्या नहीं बताई.
इजराइल पिछले तीन सप्ताह से उत्तरी गाजा में बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमले कर रहा है. उसका कहना है कि हमास के चरमपंथी वहां फिर से संगठित हो गए हैं. सालभर से जारी युद्ध के दौरान विस्थापन की ताजा लहर में सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों फलस्तीनी ‘गाजा सिटी’ छोड़कर चले गए हैं.

इजराइल गाजा में रोजाना हमले कर रहा है. साथ ही वह लेबनान में हिजबुल्ला के साथ युद्ध लड़ रहा है. प्राधिकारियों ने बताया कि लेबनान से प्रक्षेपित एक विस्फोटक ड्रोन उत्तरी इजराइल के औद्योगिक क्षेत्र की एक इमारत में जा घुसा, जिससे दो लोग घायल हो गए. बेरूत के दक्षिणी इलाके में किए गए इजराइली हवाई हमले के कारण आग लग गई.

इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान पर हवाई हमले किए और कहा कि उसने ईरान द्वारा इस महीने की शुरुआत में इजराइल पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के जवाब में उसके सैन्य स्थलों को निशाना बनाया. ईरान हमास और हिजबुल्ला का समर्थन करता है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को कहा कि इस सप्ताहांत ईरान पर हुए इजराइल के हमले को ”न तो बढ.ा-चढ.ाकर और न ही कम करके बताया जाना चाहिए.” बहरहाल खामेनेई ने इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई का आह्वान करने से परहेज किया.

ईरान की सेना पहले ही कह चुकी है कि गाजा पट्टी या लेबनान में संघर्ष विराम इजराइल पर किसी भी जवाबी हमले से बेहतर है लेकिन ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि उनके पास जवाब देने का अधिकार है. खामेनेई ने कहा, ”इजराइली शासन द्वारा दो रात पहले किए गए दुष्कृत्यों को न तो बढ.ा-चढ.ाकर और न ही कम करके पेश किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”इजराइली शासन की गलतफहमियों को दूर किया जाना चाहिए. उन्हें ईरानी राष्ट्र और उसके युवाओं की ताकत एवं इच्छाशक्ति के बारे में समझाना जरूरी है.” खामेनेई ने कहा, ”यह तय करना प्राधिकारियों का काम है कि ईरानी लोगों की इच्छाशक्ति और ताकत के बारे में इजराइली शासन को कैसे समझाया जाए और इस राष्ट्र के हितों की पूर्ति करने वाली कार्रवाई कैसे की जाएग.” इन हमलों ने दोनों कट्टर शत्रुओं के बीच ऐसे समय में पूर्ण युद्ध का खतरा बढ.ा दिया है, जब पश्चिम एशिया में ईरान सर्मिथत चरमपंथी समूह- गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्ला- पहले से ही इजराइल के साथ युद्धरत हैं.

इजराइल का कहना है कि उसने गाजा में केवल चरमपंथियों को निशाना बनाकर हमले किए हैं और वह हमलों में आम नागरिकों की मौत होने के लिए हमास को दोषी ठहराता रहा है क्योंकि ये चरमपंथी घनी आबादी वाले इलाकों में लड़ते हैं. रेड क्रॉस ने उत्तरी गाजा में ”परिस्थितियों को भयावह” बताया. हमास ने सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हमला कर करीब 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया था. करीब 100 बंधक अब भी गाजा में हैं जिनमें से एक तिहाई बंधकों के मारे जाने की आशंका है. फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमास के हमले के बाद इजराइल की जवाबी कार्रवाई में 42,000 फलस्तीनी मारे गए हैं.

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