जायसवाल टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बने

यशस्वी को खेलने दें, उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ाकर पेश नहीं करें: गंभीर

विशाखापत्तनम/नयी दिल्ली. भारत के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल शनिवार को यहां इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन दोहरा शतक जड़ने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बने. अपना छठा टेस्ट खेल रहे 22 साल के जायसवाल ने 290 गेंद की पारी में 19 चौके और सात छक्के की मदद से 209 रन बनाये. वह दिग्गज जेम्स एंडरसन की गेंद पर जॉनी बेयरस्टो को कैच देकर पवेलियन लौटे.
उनकी शानदार बल्लेबाजी से भारत ने पहली पारी में 396 रन बनाये.

सबसे कम उम्र में दोहरा शतक जड़ने वाले भारतीय का रिकॉर्ड विनोद कांबली के नाम है. पूर्व वामहस्त बल्लेबाज कांबली ने 1993 में 21 साल और 335 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था. कांबली ने इसके 20 दिन के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना लगातार दूसरा दोहरा शतक बनाया था.

कांबली से पहले महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर लंबे समय तक दोहरा शतक जड़ने वाले भारत के सबसे युवा बल्लेबाज थे. उन्होंने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था. जायसवाल की पारी की तारीफ भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने भी की. इस श्रृंखला की शुरुआती दो टेस्ट से निजी कारणों ने टीम से बाहर रहने वाले कोहली ने कहा,” यशस्वी जायसवाल …. कम उम्र में शानदारी पारी खेली.” जायसवाल ने पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पदार्पण टेस्ट मैच में 171 रन बनाए थे. उन्होंने हैदराबाद में मौजूदा श्रृंखला के शुरुआती मैच में 80 रन बनाये थे, जिसे भारत 28 रन से हार गया था.

जायसवाल बीते दिन 179 रन नाबाद थे. उन्होंने दूसरे दिन के पहले सत्र में पदार्पण कर रहे स्पिनर शोएब बशीर के खिलाफ लगातार गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर अपना दोहरा शतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने जायसवाल के करियर की शुरुआती दिनों की ओर इशारा करते हुए सोशल मीडिया लिखा, ” जायसवाल, विश्व क्रिकेट में सबसे महानतम गाथाओं में से एक है.” उत्तर प्रदेश के भदोही के रहने वाले निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के लड़के जायसवाल की जिंदगी मुश्किलों से भरी रही है. वह 11 साल की उम्र में प्रतिष्ठित आजाद मैदान में प्रशिक्षण लेने के लिए भदोही से मुंबई आये थे.

उन्होंने खुद छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा किया, जिसमें सड़क के किनारे पानी पुरी बेचना भी शामिल था. वह अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान आजाद मैदान के मैदान र्किमयों के साथ तंबू में भी रहे. जायसवाल के पानी पुरी बेचने की कहानी बार-बार मीडिया में आते रही है लेकिन उनके प्रारंभिक कोच ज्वाला सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए कई साक्षात्कारों में कहा है इस बात को बढ.ा-चढ.ा कर पेश किया गया है.

ज्वाला सिंह ने जोर देकर कहा था कि अपने संघर्ष के वर्षों के दौरान जायसवाल अधिकांश समय उनके घर पर रहे हैं. वह 2020 में अंडर-19 विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के तौर पर उभरने के बाद सुर्खियों में आये थे. उसी साल राजस्थान रॉयल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नीलामी में उन्हें अपनी टीम से जोड़ा. उन्होंने आईपीएल में 37 मैचों में 1172 रन बनाये है.
जायसवाल ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 17 मैचों में 502 रन बनाये है.

यशस्वी को खेलने दें, उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ाकर पेश नहीं करें: गंभीर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कहा कि युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के दोहरे शतक को बढ़ा चढ़ाकर पेश नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उम्मीदों का दबाव बढ़ जाता है जिससे खिलाड़ी के खेल पर प्रतिकूल असर पड़ता है. भारत के सलामी बल्लेबाज जायसवाल ने शनिवार को विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 209 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट दोहरा शतक बनाया जिससे वह विनोद कांबली और दिग्गज सुनील गावस्कर के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के भारतीय बल्लेबाज बन गये.

गंभीर ने 2008 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था और जायसवाल पिछले 16 साल ऐसा करने वाले पहले बायें हाथ के भारतीय बल्लेबाज बने. गंभीर ने पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा, ” मैं इस युवा खिलाड़ी को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देना चाहता हूं लेकिन सबसे अहम बात है कि मैं सभी को बताना चाहता हूं कि युवा खिलाड़ी को खेलने दें. हमने पहले भी देखा है कि भारत में हमारी आदत होती है, विशेषकर मीडिया में कि वे खिलाड़ियों की उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं और उन्हें ‘टैग’ दे देते हैं और उन्हें नायक के समान पेश करते हैं. ”

उन्होंने कहा, ”इससे उम्मीदों का दबाव बढ़ जाता है और खिलाड़ी अपना नैर्सिगक खेल नहीं खेल पाते. उसे बढ़ने दीजिये और अपने क्रिकेट का लुत्फ उठाने दीजिये. ” शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने दूसरे टेस्ट में अच्छी शुरूआत की लेकिन इसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके. गंभीर ने कहा, ”हमें उन्हें समय देना चाहिए क्योंकि वे बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपने बीते प्रदर्शन से यह दिखाया भी है. इसलिये ही वे भारत के लिए खेल रहे हैं. ”

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