11 अक्टूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, 20 अक्टूबर को विजयादशमी; जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और इस बार बने विशेष संयोग

इस बार 9 नहीं 10 दिन होगी देवी आराधना, अष्टमी की तिथि में हुआ बदलाव

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Sat, 03 Oct 2026 06:41 AM
11 अक्टूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, 20 अक्टूबर को विजयादशमी; जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और इस बार बने विशेष संयोग

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शारदीय नवरात्र 2026: इस वर्ष शारदीय नवरात्र का पर्व विशेष संयोग के साथ मनाया जाएगा। पंचांग गणना के अनुसार नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 10 कैलेंडर दिनों तक चलेगी। इस बार अष्टमी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण नवरात्र की अवधि एक दिन बढ़ गई है। 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार करीब 50 वर्षों में यह छठा अवसर बताया जा रहा है, जब शारदीय नवरात्र 10 दिनों तक मनाए जाएंगे। तिथि की अवधि सूर्योदय के आधार पर अलग-अलग दिनों में पड़ने के कारण यह स्थिति बनी है।

चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में होगी शुरुआत

नवरात्रि के पहले दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग बन रहा है। काशी के ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन देवी आराधना और कलश स्थापना का विशेष महत्व रहेगा।

घटस्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:37 बजे से 12:23 बजे तक बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु कलश स्थापना कर नवरात्रि के व्रत और पूजा-अनुष्ठान का संकल्प ले सकते हैं।

दो दिन रहेगी अष्टमी तिथि

इस बार नवरात्रि में अष्टमी तिथि की अवधि दो दिनों तक रहेगी। पंचांग गणना के अनुसार 18 अक्टूबर को पूरे दिन अष्टमी रहेगी और इसका प्रभाव 19 अक्टूबर की सुबह 7:53 बजे तक बताया गया है।

इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 20 अक्टूबर की सुबह 9:29 बजे तक रहेगी। तिथियों की इस अवधि के कारण नवरात्रि का पर्व 10 कैलेंडर दिनों तक चलेगा।

20 अक्टूबर को विजयादशमी

नवरात्रि के समापन के बाद 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी मनाई जाएगी। इसी दिन नवरात्रि व्रत का पारणा भी किया जाएगा। दी गई पंचांग गणना के अनुसार पारणा का समय सुबह 10 बजे के बाद बताया गया है।

देशभर में इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन, कन्या पूजन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय पंचांग और परंपराओं के अनुसार पूजा के समय में अंतर हो सकता है।

हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत रविवार को होने के कारण मां दुर्गा के आगमन को हाथी पर आगमन से जोड़ा जा रहा है। वहीं देवी के प्रस्थान के लिए मुर्गे का उल्लेख किया गया है।

धार्मिक मान्यताओं में देवी के हाथी पर आगमन को अच्छी वर्षा और अधिक बारिश के संकेत से जोड़ा जाता है। वहीं मुर्गे पर प्रस्थान को जनमानस में बेचैनी या अशांति से संबंधित मान्यता के रूप में देखा जाता है। ये धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और इन्हें वैज्ञानिक मौसम पूर्वानुमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इससे पहले कब 10 दिनों तक चली शारदीय नवरात्रि?

पंचांग संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार इससे पहले भी तिथि वृद्धि के कारण कुछ वर्षों में शारदीय नवरात्र की अवधि 10 दिनों की रही है।

  • 2025: 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक
  • 2016: 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक
  • 2000: 28 सितंबर से 7 अक्टूबर तक
  • 1998: तिथि वृद्धि के कारण नवरात्रि की अवधि 10 दिनों की रही।
  • 1982: तिथि विस्तार के कारण 10 दिनों तक नवरात्रि मनाई गई।

भक्तों के लिए विशेष अवसर

शारदीय नवरात्रि को मां दुर्गा की उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु नौ स्वरूपों की पूजा, व्रत, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।

इस वर्ष तिथियों की विशेष स्थिति के कारण नवरात्रि की अवधि सामान्य नौ दिनों के बजाय 10 कैलेंडर दिनों की होगी। भक्त अपने स्थानीय पंचांग और पुरोहित से समय की पुष्टि करके घटस्थापना एवं अन्य अनुष्ठान कर सकते हैं।

नोट: नवरात्रि के मुहूर्त और तिथियां स्थान के अनुसार कुछ मिनटों तक अलग हो सकती हैं। पूजा के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित है।

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