विदेशी निवेशक अपनी प्रगति का नाता भारत के त्वरित उत्थान से जोड़ें: प्रधानमंत्री मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Jan 2024 08:51 PM
विदेशी निवेशक अपनी प्रगति का नाता भारत के त्वरित उत्थान से जोड़ें: प्रधानमंत्री मोदी
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बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को अच्छी तरह जुड़े बाजारों में से एक बताते हुए शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से अपनी प्रगति को भारत के त्वरित उत्थान से जोड़ने का आह्वान किया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हरेक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अपनी सरकार की कोशिशों पर जोर देते हुए कहा कि भारत ने जी-20 समूह का अध्यक्ष रहते समय महिलाओं के नेतृत्व में विकास पर बल दिया था.

प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु के नजदीक बोइंग कंपनी के वैश्विक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्धाटन करने के बाद कहा कि सरकार खराब संपर्क सुविधा की बाधा दूर करने के लिए निवेश पर ध्यान दे रही है क्योंकि इससे भारत का प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था.
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बोइंग सुकन्या कार्यक्रम की भी शुरुआत की. इसका लक्ष्य पूरे देश से विमानन क्षेत्र में अधिक लड़कियों के प्रवेश को बढ़ावा देना है. यह कार्यक्रम लड़कियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (एसटीईएम) में शिक्षा प्रदान करेगा और महिलाओं को विमानन उद्योग की नौकरियों के लिए प्रशिक्षित करेगा.

उन्होंने लाल किले की प्राचीर से दिए गए अपने संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बोइंग एवं दूसरी विदेशी कंपनियों के लिए भारत के तीव्र उत्थान के साथ अपनी प्रगति को जोड़ने का वक्त है. प्रधानमंत्री ने कहा, “अगले 25 वर्षों में एक विकसित भारत का निर्माण 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है. हमने पिछले नौ साल में करीब 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकाला है और अब ये लोग नव-मध्य वर्ग का हिस्सा हैं. हरेक आय वर्ग ऊपर की तरफ बढ़ रहा है.” उन्होंने विमानन और वैमानिकी क्षेत्र में भारत की प्रगति और क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश वैश्विक विमानन बाजार में नई जान फूंकने को तैयार है.

मोदी ने कहा कि भारत में कुल पायलटों में 15 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है जो वैश्विक औसत का तिगुना है. उन्होंने कहा, “चाहे लड़ाकू विमान हों या यात्री विमान, भारत महिला पायलट के मामले में दुनिया में सबसे आगे है.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बेंगलुरु नवाचारों एवं उपलब्धियों को आकांक्षा से जोड़ने वाला शहर है और यहां पर स्थित बोइंग का नया परिसर इस धारणा को पुष्ट करने जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह परिसर भारत की प्रतिभा में दुनिया के भरोसे को दर्शाता है. इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन इस परिसर में ही भारत भविष्य के विमान का खाका तैयार करेगा.

मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में विमानन का तीसरा बड़ा घरेलू बाजार बन चुका है. पिछले दशक में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या दोगुनी हुई है और इसमें उड़ान जैसी योजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है. आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने वाली है.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इस समय दुनिया में अच्छी तरह जुड़े बाजारों में से एक बनता जा रहा है. यहां पर हवाई अड्डों की संख्या एक दशक पहले के 70 से बढ़कर करीब 150 हो चुकी है.

प्रधानमंत्री ने भारत में विमान विनिर्माण परिवेश खड़ा करने पर जोर देते हुए कहा, ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन देने का नीतिगत दृष्टिकोण हरेक निवेशक के लिए वरदान सरीखा है. मोदी ने इस मौके पर बोइंग सुकन्या कार्यक्रम भी शुरू किया. कंपनी के अनुसार, इस पहल का मकसद पूरे भारत से देश के बढ़ते विमानन क्षेत्र में लड़कियों की अधिक भागीदारी का समर्थन करना है. बेंगलुरु के बाहरी इलाके देवनहल्ली में 43 एकड़ में फैला बोइंग इंडिया इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (बीआईईटीसी) परिसर अमेरिका के बाहर इस कंपनी का सबसे बड़ा निवेश है. इसे 1,600 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है.

‘हाईटेक डिफेंस और एयरोस्पेस पार्क’ में स्थित यह परिसर देश में स्टार्टअप, निजी तथा सरकारी परिवेश के साथ साझेदारी की आधाशिला होगा और वैश्विक एयरोस्पेस एवं रक्षा उद्योग के लिए अगली पीढ़ी यानी अत्याधुनिक उत्पादों तथा सेवाओं को विकसित करने में मदद करेगा.

बोइंग ने एक बयान में कहा कि उसका बोइंग सुकन्या कार्यक्रम समूचे भारत की लड़कियों एवं महिलाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित में महत्वपूर्ण कौशल सीखने और विमानन क्षेत्र में नौकरियों के लिए प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करेगा.
इस कार्यक्रम के तहत युवा लड़कियों के लिए एसटीईएम क्षेत्र के करियर में दिलचस्पी जगाने के लिए 150 स्थानों पर एसटीईएम लैब बनाए जाएंगे. यह पायलट प्रशिक्षण ले रही महिलाओं को छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा. यह कार्यक्रम उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, प्रमाणपत्र हासिल करने, सिम्युलेटर प्रशिक्षण के लिए वित्त पोषण और करियर विकास कार्यक्रमों का समर्थन करेगा.

बोइंग के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी डेविड एल कैलहॉन ने कहा, “हम भारत के लिए प्रधानमंत्री मोदी के बदलावकारी नजरिये का समर्थन कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं. हम देश में वैमानिकी नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए बोइंग परिसर को सर्मिपत करने के लिए आभारी हैं.” बयान के मुताबिक, पिछले वर्षों में भारत में बोइंग की इंजीनियरिंग और शोध एवं विकास टीम अमेरिका के बाहर सबसे अधिक हो चुकी है. दिसंबर तक इस टीम में 6,000 से अधिक कर्मचारी तैनात थे. इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक और बोइंग की मुख्य परिचालन अधिकारी स्टेफनी पोप भी मौजूद रहे.

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