यूपी MLC चुनाव: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 2026 के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने छह और उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इन छह सीटों में तीन स्नातक और तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवारों में वाराणसी स्नातक क्षेत्र से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक क्षेत्र से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र से अशोक कुमार राठौर शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया है।
भाजपा के छह प्रत्याशियों की पूरी सूची
| निर्वाचन क्षेत्र | भाजपा प्रत्याशी |
|---|---|
| वाराणसी स्नातक | केदार नाथ सिंह |
| मेरठ स्नातक | दिनेश गोयल |
| इलाहाबाद-झांसी स्नातक | अशोक कुमार राठौर |
| वाराणसी शिक्षक | डॉ. प्रमोद मिश्रा |
| आगरा शिक्षक | इंजीनियर हरि किशोर तिवारी |
| गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक | ध्रुव त्रिपाठी |
पहले पांच सीटों पर भी घोषित कर चुकी है प्रत्याशी
भाजपा इससे पहले पांच सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी थी। इनमें लखनऊ स्नातक से अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, लखनऊ शिक्षक से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक से श्रीचंद शर्मा शामिल हैं।
छह नए नामों की घोषणा के साथ पार्टी ने 11 सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
11 सीटों पर होना है चुनाव
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्तूबर है।
नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्तूबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्तूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 23 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना 27 अक्तूबर को की जाएगी।
किन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव?
इन चुनावों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, मेरठ-सहारनपुर, आगरा-अलीगढ़ और इलाहाबाद-झांसी सीट शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ-गाजियाबाद, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शामिल हैं।
इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है।
चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज
MLC चुनाव के लिए प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करना शुरू कर दिया है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के इन चुनावों का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि इनके परिणाम उत्तर प्रदेश विधान परिषद में विभिन्न दलों की संख्या को प्रभावित करेंगे।
भाजपा के छह नए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ अब पार्टी का 11 सीटों वाला उम्मीदवार चयन पूरा हो गया है।