लंदन. ब्रिटेन में प्रवासी विरोधी दक्षिणपंथी समूहों से जुड़ी हिंसक झड़प और हिंसा सप्ताहांत में जारी रही. वहीं पुलिस ने इस संबंध में कम से कम 100 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने “चरमपंथी तत्वों” के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए अधिकारियों को अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की.
शनिवार को लिवरपूल, हल, ब्रिस्टल, लीड्स, ब्लैकपूल, स्टोक-ऑन-ट्रेंट, बेलफास्ट, नॉटिंघम और मैनचेस्टर में पथराव किया, पटाखे फेंके गए, उस होटल की खिड़कियां तोड़ दी गईं जहां देश में शरण चाहने वाले ठहरे हुए थे. साथ ही दुकानों पर हमला किया गया और आग लगा दी गई. वहीं भीड़ और पुलिस के बीच कई झड़पें हुईं.
ब्रिटेन की गृह मंत्री यवेट कूपर ने भीड़ को चेतावनी दी कि वे इस तरह के “आपराधिक अव्यवस्था और हिंसा” की “कीमत चुकाएंगे.” शनिवार को स्टॉर्मर द्वारा बुलाई गई मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा, “हमने जो अव्यवस्था देखी है, उन्हें ठीक करने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा है कि पुलिस को हमारी ओर से पूरा समर्थन है ताकि वे हमारी सड़कों पर चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें. ये चरमपंथी पुलिस अधिकारियों पर हमले कर रहे हैं, स्थानीय व्यवसायों को बाधित कर रहे हैं और समुदायों को डराकर नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.” बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री ने यह कहते हुए अपना भाषण समाप्त किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार और हमने जो हिंसक अव्यवस्था देखी है, वे दो बहुत अलग चीजें हैं.”
उन्होंने कहा, ”किसी भी तरह की हिंसा के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता. उन्होंने दोहराया कि सरकार हमारी सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पुलिस का पूरा समर्थन करती है.” ब्रिटेन भर में मुस्लिम विरोधी घटनाओं पर नजर रखने वाले समूहों ने कहा है कि ब्रिटेन के मुसलमानों द्वारा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करने की खबरों में वृद्धि हुई है और कई लोग स्थानीय मस्जिदों में जाने से भी डर रहे हैं.
ब्रिटेन की पुलिस मंत्री डायना जॉनसन ने ‘बीबीसी’ को बताया, “लोग खास तौर पर अपनी त्वचा के रंग की वजह से डरे हुए हैं और यह सही नहीं हो सकता है और यह ऐसी चीज है जिससे निपटने के लिए यह सरकार हर संभव कदम उठाएगी.” बताया जा रहा है कि ब्रिटेन के न्याय मंत्रालय के अधिकारी न्यायपालिका के साथ-साथ पुलिस प्रमुखों और क्राउन प्रॉसिक्यूशन र्सिवस (सीपीएस) के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि मजिस्ट्रेट अदालतों को अधिक समय तक खुला रखा जाए, ताकि दंगा-संबंधी अपराधों के लिए हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि के मामले में तेजी से कार्यवाही की जा सके.
ब्रिटेन: पुलिस को प्रदर्शनकारियों को होटल में घुसने से रोकने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी
ब्रिटेन के उत्तरी शहर रॉदरहैम में रविवार को पुलिस को धुर दक्षिणपंथी समूह के कार्यकर्ताओं के समूह को एक होटल में घुसने की कोशिश करने से रोकने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. माना जाता है कि ब्रिटेन में शरण लेना चाह रहे लोग इस होटल में ठहरे हुए हैं. पिछले सप्ताह एक ‘डांस क्लास’ में चाकूबाजी की घटना के बाद दंगे नहीं रुक रहे हैं. उक्त घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए.
‘स्काई न्यूज’ की फुटेज में पुलिस अधिकारी दंगाइयों को हॉलिडे इन एक्सप्रेस होटल में घुसने से रोकने की कोशिश करते दिख रहे हैं. वहां आग भी नजर आई जबकि होटल की खिड़कियां टूटी हुई दिख रही हैं. देशभर में और भी प्रदर्शन होने की उम्मीद है, साथ ही इसके विरोध में भी प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है.
शनिवार को, दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं का पूरे ब्रिटेन में नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों से आमना-सामना हुआ, जिसमें उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट से लेकर ब्रिटेन के उत्तर-पश्चिम में लिवरपूल और पश्चिम में ब्रिस्टल तक हिंसक दृश्य देखने को मिले. सीसीटीवी, सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो और अन्य फुटेज की जांच की जा रही है जिसके कारण और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
शनिवार को सिर्फ एक घटना में, मर्सीसाइड पुलिस ने कहा कि लिवरपूल में लगभग 300 लोग हिंसक उपद्रव में शामिल थे, जिसमें एक सामुदायिक इकाई में आग लगा दी गई. देश के सबसे वंचित समुदायों में से एक को सहायता प्रदान करने के लिए पिछले साल खोला गया स्पेलो लेन लाइब्रेरी हब के भूतल को गंभीर नुकसान पहुंचा है. पुलिस ने कहा कि दंगाइयों ने दमकलर्किमयों को आग तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की, और दमकल की गाड़ी को निशाना बनाया. पिछले सप्ताह उत्तर-पश्चिमी ब्रिटेन के साउथपोर्ट में बच्चों की ‘डांस क्लास’ में हुई चाकूबाजी की घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी.
साउथपोर्ट में सोमवार को हुए हमले के थोड़ी देर बाद ही 17 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था जिसका नाम एक्सेल मुगनवा रुदाकुबाना है. उसका जन्म वेल्स में हुआ था और और वह लंकाशायर के बैंक्स गांव का रहने वाला है. अदालत द्वारा प्रतिबंध हटाने के बाद उसका नाम सार्वजनिक किया गया. उसे लिवरपूल नगर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां उस पर हत्या के तीन और हत्या की कोशिश के 10 आरोप लगाए गए तथा चाकू रखने का भी आरोप लगाया गया. न्यायाधीश एंड्रयू मेनरी ने यह दलील सुनने के बाद कि आरोपी का 18वां जन्मदिन सात अगस्त को है, आरोपी का नाम सार्वजनिक न करने के कानूनी प्रतिबंध को हटा दिया और अगली सुनवाई तक उसे हिरासत में भेज दिया.