शांति बहाल करने के लिए भारत हरसंभव सहयोग देने को तैयार : मोदी ने यूक्रेन यात्रा से पहले कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 22 Aug 2024 08:34 PM
शांति बहाल करने के लिए भारत हरसंभव सहयोग देने को तैयार : मोदी ने यूक्रेन यात्रा से पहले कहा
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वारसॉ. युद्धग्रस्त यूक्रेन की अपनी बहुप्रतीक्षित यात्रा से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत का दृढ़ता से मानना है कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं किया जा सकता और यह (भारत) क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है. मोदी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद यह बात कही.

बैठक में, दोनों नेताओं ने भारत-पोलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में तब्दील करने का निर्णय लिया. इसके अलावा, कौशल प्राप्त श्रमिकों की दोनों देशों के बीच आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए एक सामाजिक सुरक्षा समझौते को भी अंतिम रूप दिया गया.
दोनों पक्षों ने रक्षा, व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, शहरी बुनियादी ढांचे, खाद्य प्रसंस्करण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी संकल्प लिया.

मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में, टस्क के साथ अपनी वार्ता के मुख्य निष्कर्षों को रेखांकित करने के अलावा यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का भी हवाला दिया तथा इन्हें गहरी चिंता का विषय बताया. प्रधानमंत्री ने कहा, ”किसी भी संकट में निर्दोष लोगों की जान जाना समूची मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. हम शांति एवं स्थिरता शीघ्र बहाल करने के लिए वार्ता और कूटनीति का समर्थन करते हैं.” उन्होंने कहा, ”इसके लिए भारत, अपने मित्र देशों के साथ हरसंभव सहायता देने को तैयार है.” प्रेस वक्तव्य देने के दौरान मोदी के बगल में टस्क भी मौजूद थे.

मोदी बुधवार को वारसॉ पहुंचे, जो करीब आधी सदी में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पोलैंड की पहली यात्रा है. यात्रा के दूसरे चरण में, शुक्रवार को मोदी करीब सात घंटे के लिए कीव में होंगे. वह यूक्रेन की राजधानी के लिए आज शाम एक ट्रेन से रवाना होंगे और इस यात्रा की अवधि करीब 10 घंटे की होगी. पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क ने कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री मोदी ने वर्तमान में पूरे विश्व के लिए चिंता का कारण बने मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त किया.

टस्क ने कहा, ”मुझे बहुत खुशी है कि प्रधानमंत्री (मोदी) ने युद्ध की शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण और जल्द समाप्ति के लिए अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताई है. हम दोनों इस बात से आश्वस्त हैं कि भारत यहां एक बहुत गंभीर और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है.” मोदी ने कहा कि इस साल भारत और पोलैंड अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”इस साल, हम अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. इस अवसर पर, हमने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में तब्दील करने का निर्णय लिया है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा समझौता श्रमिकों की आवाजाही को बढ़ावा देगा और उनका कल्याण सुनिश्चित करेगा. मोदी ने 2022 में संघर्ष शुरू होने के बाद, यूक्रेन से भारतीय छात्रों को सुरक्षित रूप से निकालने में सहायता करने के लिए पोलैंड का आभार भी जताया.

टस्क ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पोलैंड, भारत के साथ अपने रक्षा सहयोग का विस्तार करना चाहता है और वह अपनी (पोलैंड की) सेना के आधुनिकीकरण के लिए नयी दिल्ली के प्रयासों का समर्थन करना चाहेगा. उन्होंने कहा, ”हम सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण में भाग लेने के लिए तैयार हैं.” मोदी ने भारत-पोलैंड रक्षा संबंधों का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, ”रक्षा के क्षेत्र में घनिष्ठ सहयोग हमारे गहरे परस्पर विश्वास का प्रतीक है. इस क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत किया जाएगा.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि विभिन्न वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार वक्त की दरकार है.

उन्होंने कहा, ”आतंकवाद हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है. मानवता में विश्वास रखने वाले भारत एवं पोलैंड जैसे देशों के बीच इस तरह का और अधिक सहयोग आवश्यक है.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”इसी तरह, जलवायु परिवर्तन हमारे लिए साझा प्राथमिकता का विषय है. हम दोनों अपनी क्षमताओं को मिलाकर हरित भविष्य के लिए काम करेंगे.” मोदी ने कहा, ”पोलैंड जनवरी 2025 में यूरोपीय संघ की अध्यक्षता संभालेगा. मुझे विश्वास है कि आपका सहयोग भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को मजबूत करेगा.” उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में पोलैंड की विशेषज्ञता के बारे में भी बात की.

मोदी ने कहा, ”हम चाहते हैं कि पोलैंड की कंपनियां भारत में बनाए जा रहे मेगा फूड पार्कों में शामिल हों. भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण से जलशोधन, ठोस कचरा प्रबंधन, शहरी बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में हमारे सहयोग के लिए नए अवसर खुल रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी, हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं. हम पोलैंड की कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं.” मोदी ने कहा कि भारत ने फिन-टेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी), फार्मा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं तथा उसे पोलैंड के साथ इस अनुभव को साझा करने में खुशी होगी.

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