कोलकाता दुष्कर्म व हत्या मामला: डीएनए, फॉरेंसिक रिपोर्ट पर एम्स विशेषज्ञों की राय लेगी सीबीआई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 27 Aug 2024 09:44 PM
कोलकाता दुष्कर्म व हत्या मामला: डीएनए, फॉरेंसिक रिपोर्ट पर एम्स विशेषज्ञों की राय लेगी सीबीआई
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नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु चिकित्सक से कथित बलात्कार और उसकी हत्या से संबंधित डीएनए एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों की राय लेगा. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई मामले को पुख्ता बनाने के लिए अपनी रिपोर्ट एम्स भेजकर उसके विशेषज्ञों की राय लेगी.

अधिकारियों के अनुसार, इन रिपोर्ट से एजेंसी को यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि वारदात को अंजाम देने में क्या केवल संजय रॉय शामिल था, या अन्य लोग भी इसमें उसके साथ थे. सीबीआई ने कोलकाता की एक अदालत में एक अर्जी दायर कर कोलकाता पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) अनूप दत्ता की ‘पॉलीग्राफ’ जांच कराने की अनुमति मांगी है. अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी इस बारे में जांच कर रही है क्या दत्ता, रॉय को जानता था और वारदात के बाद आरोपी की क्या कोई मदद की थी. उन्होंने बताया कि मामले के सिलसिले में सीबीआई दत्ता से पहले ही पूछताछ कर चुकी है.

अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने अब तक जिन सुरागों पर काम किया है उनके अनुसार, अपराध में केवल रॉय शामिल था लेकिन एम्स के विशेषज्ञों की राय मिलने के बाद ही अन्य लोगों के शामिल रहने या संलिप्तता नहीं होने की बात स्पष्ट होगी. मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष की ‘पॉलीग्राफ’ जांच दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही. शनिवार को उनकी ‘लेयर्ड वॉइस एनालिसिस’ हुई थी, जिसके बाद सोमवार को पॉलीग्राफ जांच हुई. सोमवार को जांच पूरी नहीं हो सकी और मंगलवार को फिर से शुरू की गई.

‘लेयर्ड वॉइस एनालिसिस’ झूठ का पता लगाने वाली एक नयी तरह की जांच है. इसका उपयोग आरोपी के झूठ बोलने पर उसकी प्रतिक्रिया का पता लगाने के लिए किया जाता है. हालांकि, यह झूठ की पहचान नहीं करता. यह तकनीक आवाज के विभिन्न गुणों में तनाव और भावनात्मक संकेतों की पहचान करती है. अस्पताल के सभागार में एक जूनियर चिकित्सक से दुष्कर्म व उसकी हत्या के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. नौ अगस्त को महिला चिकित्सक का शव मिला था, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने अगले दिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रॉय को गिरफ्तार किया था.

सीसीटीवी फुटेज में रॉय को नौ अगस्त को सुबह 4.30 बजे सभागार में घुसते हुए देखा जा सकता है जिस समय वारदात को कथित तौर पर अंजाम दिया गया था. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर, रॉय से गहन पूछताछ की गई और पुलिस ने उसके बाएं गाल पर ‘हालिया चोटों’, बाएं हाथ में दो उंगलियों के बीच खरोंच, बाएं जांघ के पीछे खरोंच आदि को भी देखा, जो संघर्ष का संकेत देते हैं. अधिकारियों ने कहा कि आरोपी के वीर्य, बाल, नाखून आदि के नमूने जुटाए गए.

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को जांच कोलकाता पुलिस से सीबीआई को हस्तांतरित करने का आदेश दिया था. सीबीआई ने 14 अगस्त को जांच अपने हाथ में ले ली. सीबीआई ने कोलकाता पुलिस से सभी फॉरेंसिक साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए तथा अपराध के बारे में आगे की जानकारी प्राप्त करने के लिए रॉय, मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष, पीड़िता के साथ ड्यूटी पर मौजूद चार चिकित्सकों तथा रॉय की पॉलीग्राफ जांच भी कराई. अधिकारियों ने कहा कि सीएफएसएल (केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) की प्रारंभिक रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है और साक्ष्यों से उनका मिलान किया जा रहा है.

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