ठाणे/नयी दिल्ली/सुपौल/पीलीभीत. महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ कई बार बलात्कार करने के आरोप में 26 साल के युवक को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अशरफ अफसर चौधरी दुबई भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने कल्याण की 25 वर्षीय युवती की ओर से दो जुलाई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर उसे कुछ दिन पहले गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता की चौधरी से पिछले साल इंस्टाग्राम पर मुलाकात हुई थी.
उन्होंने बताया कि युवती का भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया और जुलाई 2024 से जून 2025 के बीच अलग-अलग जगहों पर कई बार उसका यौन शोषण किया. अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उसके पहले पति की मौत के बाद उसने राजस्थान के एक व्यक्ति से शादी कर ली.
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद चौधरी ने उसे दूसरे पति को तलाक देने के लिए मजबूर किया. उसने कहा कि चौधरी के कहने पर उसने अपने दूसरे पति को तलाक दे दिया, लेकिन इसके बाद आरोपी अपने वादे से मुकर गया और उससे शादी करने से इनकार कर दिया. शिकायत के मुताबिक, जब पीड़िता को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो वह एक सामाजिक कार्यकर्ता और परामर्शदाता के पास पहुंची, जो उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने ले गए.
पुलिस के अनुसार, पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (बलात्कार) और 69 (धोखे से यौन संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज किया और तुरंत इसकी जांच शुरू कर दी. वरिष्ठ निरीक्षक नेतराम मस्के ने कहा, “पुलिस को सूचना मिली थी कि चौधरी दुबई भागने की फिराक में है, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई. उसके निवास स्थान पर जाल बिछाया गया और उसे पकड़ लिया गया.” मस्के ने बताया कि स्थानीय अदालत ने चौधरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति को जमानत नहीं : अदालत
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शादी का झांसा देकर 53 वर्षीय महिला से बलात्कार करने के आरोपी 49 वर्षीय व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जो यह साबित करे कि उनका संबंध सहमति से था और महिला को झूठे आश्वासनों के आधार पर गुमराह किया गया जो तलाकशुदा है.
चार जुलाई के आदेश में कहा गया है, “तथ्य यह है कि महत्वपूर्ण गवाहों की अभी तक जांच नहीं हुई है, और रिकॉर्ड में व्हाट्सएप चैट है, जो प्रथम दृष्टया आवेदक के खिलाफ कथित अपराध की गंभीरता को इंगित करती है. इस अदालत को इस स्तर पर जमानत देने का कोई आधार नहीं दिखता है.” अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि महिला की मुलाकात उस व्यक्ति से (बाइक) ‘राइडर्स ग्रुप’ के माध्यम से हुई थी, जिसका एडमिन आरोपी था और उसने खुद को नारकोटिक्स विभाग में डीसीपी बताया था. कथित तौर पर व्यक्ति महिला के घर आया और शादी का झूठा वादा कर उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए.
जब उसने शादी पर जोर दिया तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे व्हाट्सएप के जरिए तलाक की अर्जी की एक प्रति भेजी और आश्वासन दिया कि वह जल्द ही अपनी पत्नी से अलग हो जाएगा और उससे शादी कर लेगा. महिला ने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने उसे उसकी निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की भी धमकी दी जिसके बाद वह पुलिस के पास गई और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. व्यक्ति ने जमानत का अनुरोध करते हुए दावा किया कि यह संबंध सहमति से था और 53 वर्षीय महिला, जिसका एक बड़ा बेटा है, उसे अपने कार्यों के परिणामों के बारे में अनभिज्ञ नहीं कहा जा सकता.
व्यक्ति ने दावा किया कि शादी के कथित वादे को कोई विश्वसनीयता नहीं दी जा सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता को पहले से ही पता था कि वह शादीशुदा है. अदालत ने व्हाट्सएप चैट सहित रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री पर गौर करते हुए प्रथम दृष्टया पाया कि व्यक्ति ने तलाक की याचिका में जालसाजी की थी और महिला को झूठा आश्वासन दिया था कि वह तलाक लेने की प्रक्रिया में है.
इसमें कहा गया है, “इन परिस्थितियों से संकेत मिलता है कि शारीरिक संबंध के लिए प्राप्त सहमति न तो सूचित थी और न ही स्वैच्छिक, बल्कि यह कपटपूर्ण प्रस्तुति (झूठे तथ्य या धोखे) के कारण थी.” अदालत ने आरोपपत्र की भी जांच की, जिसमें पुरुष और महिला के बीच हुई बातचीत भी शामिल थी, जिसमें उसने खुद को नौसेना के पूर्व कैप्टन के रूप में पेश किया था, जो बाद में एनएसजी में शामिल हो गया था और 2008 के मुंबई हमलों के दौरान टीम का हिस्सा था. उसने आगे दावा किया कि वह वर्तमान में डीसीपी, नारकोटिक्स के रूप में प्रतिनियुक्ति पर है.
बिहार में ग्रामीणों ने महिला को पति के भतीजे से शादी करने के लिए ‘मजबूर’ किया
बिहार के एक दूरदराज इलाके में ग्रामीणों ने एक महिला और उसके पति के भतीजे के बीच अवैध संबंध होने का आरोप लगाते हुए दोनों की पिटायी कर दी. साथ ही ग्रामीणों ने युवक को महिला की मांग में जबरन सिंदूर भरकर “शादी” के लिए मजबूर किया. यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने दी. यह घटना पिछले सप्ताह सुपौल जिले में घटी थी, जिसका वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आया है और दोनों को उपचार के लिए पड़ोसी नेपाल के विराटनगर भेजा गया है.
भीमपुर थाने के प्रभारी मिथिलेश पांडेय ने कहा, ”भीमपुर थाना क्षेत्र में 4 जुलाई को हुए हमले में दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.” उन्होंने कहा, ”घटना के तुरंत बाद एक गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा था. हालांकि, तब तक सभी आरोपी मौके से भाग चुके थे. बाद में, घायल व्यक्ति के पिता की शिकायत के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई. आठ लोगों के नामजद किए गए हैं, जिनमें से दो को पकड़ लिया गया है.”
विधवा ने अपने देवर पर लगाया बलात्कार का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक विधवा महिला ने अपने देवर पर बलात्कार और ससुराल के लोगों पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों में मंगलवार को बताया कि इस सिलसिले में बीसलपुर थाने में दर्ज कराई गई एक शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि डेढ़ साल पहले उसके पति की मौत के बाद उसके देवर ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया. महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि गर्भवती होने पर ससुराल के लोगों ने उसका जबरन गर्भपात करा दिया.
बीसलपुर थाने के प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने संवाददाताओं को बताया कि शिकायत मिल गई है और मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि महिला के पिता ने आरोप लगाया है कि जब उसने आरोपियों की हरकतों का विरोध किया तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी.
पुलिस को दिए गए अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि उसके पति की मौत के बाद उसके देवर ने उसे भावनात्मक रूप से प्रभावित करके उसका यौन शोषण करना शुरू कर दिया. पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि जब वह पांच महीने की गर्भवती थी तब उसने अपनी सास को इस स्थिति के बारे में बताया. उसने अपने बयान में आरोप लगाया कि पिछली 23 जून को उसे एक घर में ले जाया गया, जहां उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया.