कोलकाता. भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कलकत्ता के छात्रावास में कथित तौर पर बलात्कार की शिकार हुई पीड़ित महिला के पिता ने कहा कि वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई. इस दावे के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर आरोपी छात्र को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा कि कथित बलात्कार की घटना आईआईएम-कलकत्ता के पुरुष छात्रावास में शुक्रवार को हुई. हालांकि, महिला के पिता ने बाद में शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि उनकी बेटी को एक दुर्घटना में यह सब चोटें आई हैं. उन्होंने कहा, “मुझे शुक्रवार को रात करीब 9.40 बजे अपनी बेटी का फोन आया. उसने बताया कि वह गाड़ी से गिर गई और बेहोश हो गई, साथ ही उसे चोट भी लगी है. बाद में मुझे पता चला कि वह एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती है. मेरी बेटी द्वारा मुझे बताए गए विवरण के अनुसार, पुलिस जो दावा कर रही है वैसा कुछ भी नहीं हुआ है.” पुलिस के मुताबिक, महिला ने प्राथमिकी में कहा है कि उसे परामर्श सत्र के नाम पर छात्रावास में बुलाया गया था.
अधिकारी ने प्राथमिकी के आधार पर कहा था कि छात्रावास में एक नशीला पदार्थ मिला पेय पीने के बाद वह बेहोश हो गई और जब वह होश में आई तो उसे आभास हुआ के उसके साथ बलात्कार हुआ है. स्थानीय अदालत ने शनिवार को आरोपी को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.
अलीपुर अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया.
छात्र के वकील ने अदालत के समक्ष दावा किया कि कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके जोका में स्थित आईआईएम-कलकत्ता एक सुरक्षित स्थान है और वहां प्रवेश प्रतिबंधित है. उन्होंने कहा कि आरोप में कुछ गड़बड़ लगती है. पुलिस ने कहा कि मामले में जाँच जारी है.