नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में अपराध की कई हालिया घटनाओं को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि यह प्रदेश ” क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया ” बन गया है तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कुर्सी बचा रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे के मंत्री ‘ कमीशन ‘ कमा रहे हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस बार सिर्फ सरकार बदलने का नहीं , बिहार बचाने का चुनाव है. उन्होंने एक खबर का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि बिहार में 11 दिनों में 31 हत्याएं हुई हैं.
कांग्रेस नेता ने ‘ एक्स ‘ पर पोस्ट किया , ” बिहार बना ‘ क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया ‘ – हर गली में डर , हर घर में बेचैनी. बेरोजग़ार युवाओं को हत्यारा बना रहा है गुंडाराज. ” राहुल गांधी ने आरोप लगाया , ” मुख्यमंत्री कुर्सी बचा रहे हैं , भाजपा के मंत्री कमीशन कमा रहे हैं. ” उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा, ” मैं फिर दोहरा रहा हूं कि इस बार वोट सिर्फ सरकार बदलने का नहीं , बिहार को बचाने का है. ”
बिहार में ‘जंगल राज’, पानी से ज्यादा आसानी से मिलती है शराब: कांग्रेस
कांग्रेस ने बिहार के पूर्णिया में पिछले दिनों हुई एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या की घटना का हवाला देते हुए सोमवार को राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में ‘जंगलराज’ होने का आरोप लगाया और दावा किया कि प्रदेश में पीने का पानी और सुरक्षा नहीं मिल रही है, लेकिन शराब आसानी से मिल रही है.
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने हाल में पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की पीड़ितों के संबंधियों से फोन पर बात भी करवाई थी. उन्होंने कहा कि इस घटना के दोषियों को सजा दिलाने के साथ ही अंधविश्वास और ‘मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट पीटकर मार देना)’ जैसे अपराधों की रोकथाम के लिए कठोर कानूनों का इस्तेमाल हो तथा शराब की बिक्री रोकी जाए.
बीते छह जुलाई को पूर्णिया जिले में जादू-टोना करने के संदेह में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी और उनके शवों को जला दिया गया था. पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
भूरिया ने संवाददाताओं से कहा, ”राहुल गांधी जी के निर्देश पर हम पूर्णिया गए और व्यक्तिगत रूप से उस परिवार से मिले, लेकिन वहां जो हमने देखा, वो बहुत दुखद था. पूरा का पूरा गांव खाली हो गया है, वहां डर का माहौल है. राहुल गांधी जी ने स्वयं पीड़ितों के परिजन से बात की.” उन्होंने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी को बिहार के उस परिवार की चिंता है तो बिहार में बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिंता क्यों नहीं है? आदिवासी कांग्रेस के प्रमुख ने दावा किया कि हत्या की इस घटना को अंजाम देने वाले शराब के नशे में थे और यह उस राज्य की स्थिति जहां शराब प्रतिबंधित है.
भूरिया ने आरोप लगाया कि बिहार में लोगों को पीने का पानीं नहीं मिल रहा है और न ही सुरक्षा मिल रही है, लेकिन शराब जरूर आसानी से मिल रही है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में ‘जंगल राज’ और ‘गुंडाराज’ है तथा राजग की सरकार में यह राज्य भारत की ‘क्राइम कैपिटल (अपराध की राजधानी)’ बन गया है.
उन्होंने सवाल किया, ” क्या इस देश में आदिवासियों की जान की कोई कीमत नहीं है? बिहार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? यहां अपराधियों के मन में पुलिस व सरकार का खौफ क्यों नहीं है? आखिर बिहार में अपराधियों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है? भाजपा सरकार में अंधविश्वास को बढ़ावा क्यों दिया जाता है? भाजपा सरकार में शिक्षा और सुरक्षा पर बात क्यों नहीं होती है?” भूरिया का कहना था, ”हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और स्थायी सुरक्षा मिले, दोषियों को सजा दी जाए. बिहार सरकार अंधविश्वास, जातीय हिंसा, मॉब लिंचिंग पर कठोर नियम लागू करे, ताकि आगे से ऐसी घटनाएं ना हों. बिहार में शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए?”