नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने मंगलवार को कहा कि नागरिकता प्रमाणित करना निर्वाचन आयोग का काम नहीं है तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) शुरू नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह दावा भी किया कि अब आयोग अपने ही तर्कों में फंस गया है और ‘मुद्दा भटकाओ योजना’ के तहत नेपाल, म्यांमा और बांग्लादेश के लोगों के बिहार में होने की कहानी गढ़ रहा है.
कुमार ने यहां कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में संवाददाताओं से कहा, ”यदि 2003 की पुनरीक्षण की प्रक्रिया गलत थी, तो उसके बाद के सभी चुनाव गलत हैं…क्या नरेन्द्र मोदी जी को म्यांमा और नेपाल के लोगों ने वोट दिया…अगर ऐसा है तो फिर बिहार के सभी 40 सांसदों को अयोग्य घोषित करिए और फिर से चुनाव करवाइए.” कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा, ”क्या मतदाता सूची किसी राजनीतिक दल ने बनाया या निर्वाचन आयोग ने बनाया. इसका यह मतलब है कि निर्वाचन आयोग ने माना कि उसने अशुद्ध मतदाता सूची बनाई. बिहार में गंगा बहती है, एक बार मतदाता सूची को उसमें डुबकी लगवा दीजिए, शुद्ध हो जाएगी. यह (आयोग का तर्क) कोई बात होती है. आप अपनी ही प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है कि राहुल गांधी जो कह रहे हैं वो सही है, इसलिए आयोग को महाराष्ट्र का डेटा उपलब्ध कराना चाहिए.
उन्होंने दावा किया कि आयोग ने अपनी गलती मान ली है. कांग्रेस नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग का काम मतदाता सूची तैयार करने और मतदान तक सीमित है तथा उसका काम नागरिकता प्रमाणित करना नहीं है. कुमार ने कहा, ”मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर एनआरसी नहीं शुरू करना चाहिए, क्योंकि यह काम गृह मंत्रालय का है.” उन्होंने दावा किया कि जब निर्वाचन आयोग अपने ही तर्को में फंस गया, तो खबर गढ़ी गई कि नेपाल, म्यामां और बांग्लादेश के लोग आ गए हैं.
कुमार ने यह भी कहा, ”सरकार द्वारा जारी कोई भी कागज स्वीकार किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”बिहार में कितने लोगों का जन्म प्रमाणपत्र होगा. बहुत सारे लोगों के पास दो-दो जन्मतिथि होती है, एक असली और दूसरी कागज वाली. मेरी ही दो जन्मतिथि है.” कुमार के अनुसार, पुनरीक्षण से किसी को समस्या नहीं है, लेकिन यह दो-तीन महीने में नहीं, बल्कि एक, दो या तीन साल का समय लेकर करना चाहिए. उन्होंने कहा, ”बिहार के लोगों से कहा जा रहा है कि आप साबित करिए कि बिहारी हैं. बिहार के लोग इस बात पर बता देंगे कि हम पक्के बिहारी हैं.”
बिहार में ‘डबल इंजन’ खराब, नीतीश नहीं बल्कि कोई और सरकार चला रहा : कन्हैया कुमार
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति तथा अपराध की हालिया घटनाओं को लेकर मंगलवार को प्रदेश की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं, बल्कि कोई और चला रहा है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बिहार में ‘डबल इंजन’ पूरी तरह से खराब हो गया है तथा राज्य की मौजूदा स्थिति में ”अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा” की कहावत चरितार्थ हो रही है.
कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रभारी कुमार ने बिहार में शिक्षा की स्थिति का उल्लेख करते हुए संवाददाताओं से कहा, ”बिहार से एक अजीब घटना सामने आई, जहां (पटना विश्वविद्यालय के) कुछ कॉलेज के प्राचार्यों की नियुक्ति लॉटरी के माध्यम से की गई, जिसके बाद महिला कॉलेज में भी पुरूष प्राचार्य बना दिए गए. इसके बाद कुलपति ने कहा कि बड़े-बड़े लोगों की सिफारिश आती है, इसलिए हमें लॉटरी निकालनी पड़ी.” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था मनमाने तरीके से चल रही है तथा ”कट-कमीशन का सिस्टम” का हावी है.
कुमार का कहना था, ”आप किसी भी कॉलेज में छात्रों की संख्या देखेंगे तो स्थिति का पता पता चलेगा. यदि चार कमरों का कॉलेज है तो हजारों छात्रों का पंजीकरण किया गया है. मतलब पैसा दीजिए, डिग्री लीजिए.” कुमार ने कहा, ”हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि राज्य में शिक्षा की दुर्दशा को देखते हुए तुरंत उचित कदम उठाए जाएं, अन्यथा युवा इस सरकार को बदलने के लिए तैयार हैं.” बिहार में अपराध की हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा कोई शहर नहीं है, जहां गोलियां न चल रही हों.
कांग्रेस नेता ने कहा, ”अपराधी खुले तौर पर अपराध कर रहे हैं और बिहार के उप मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) बेशर्मी के साथ कहते हैं कि संगठित अपराध खत्म हो गया है. बिहार में जो अपराध की स्थिति है, उससे पता चलता है कि ये ‘डबल इंजन’ एक-दूसरे की उल्टी दिशा में चल रहे हैं.” उन्होंने दावा किया, ”यह नीतीश कुमार का, सरकार चलाने का तरीका नहीं है. इससे साफ है कि नीतीश कुमार नहीं, बल्कि कोई और सरकार चला रहा है.” कुमार ने कहा, ”मैं बिहार के लोगों से कहना चाहता हूं, जिस सरकार को आपकी चिंता न हो, उसकी कुर्सी छीन लीजिए.”