समोसे, जलेबी पर चेतावनी प्रदर्शित करने के संबंध में दावे ‘भ्रामक और गलत’ : स्वास्थ्य मंत्रालय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 15 Jul 2025 09:51 PM
समोसे, जलेबी पर चेतावनी प्रदर्शित करने के संबंध में दावे ‘भ्रामक और गलत’ : स्वास्थ्य मंत्रालय
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को उन खबरों को ”भ्रामक, गलत और निराधार” करार दिया जिनमें दावा किया गया है कि उसने विक्रेताओं को समोसे, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य पदार्थों के बारे में चेतावनी प्रर्दिशत करने का निर्देश दिया है.
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विभिन्न खाद्य पदार्थों में वसा और ज्यादा चीनी के बारे में स्वास्थ्य संदेश पर उसकी सलाह विक्रेताओं को उनके उत्पादों पर चेतावनी प्रर्दिशत करने का निर्देश नहीं है, और रेखांकित किया कि यह भारत की समृद्ध ‘स्ट्रीट फूड’ संस्कृति को लक्षित नहीं करता है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह सामान्य परामर्श लोगों को सभी खाद्य उत्पादों में वसा और अतिरिक्त चीनी के बारे में जागरूक करने के लिए एक व्यवहारिक निर्देश है, न कि किसी विशेष खाद्य उत्पाद के बारे में. परामर्श में अन्य संदेशों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें फल, सब्जियां और कम वसा वाले विकल्पों जैसे स्वस्थ भोजन को बढ़ावा दिया गया है तथा लोगों को शारीरिक गतिविधियां अपनाने के लिए सुझाव दिए गए हैं, जैसे सीढि.यों का उपयोग और अल्प अवधि का व्यायाम.

मंत्रालय ने अलग से एक परामर्श जारी किया है, जो कार्यस्थलों पर स्वास्थ्यवर्धक विकल्प चुनने की दिशा में एक पहल है. इसमें कार्यस्थलों पर बोर्ड लगाने की सलाह दी गई है ताकि विभिन्न खाद्य पदार्थों में वसा और ज्यादा चीनी के हानिकारक सेवन के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके. बयान में कहा गया है कि ये बोर्ड मोटापे से मुकाबले की दिशा में रोज.ाना याद दिलाने के लिए हैं.

बयान में स्पष्ट किया गया है, “स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों पर चेतावनी प्रर्दिशत करने का निर्देश नहीं देती है, और भारतीय खाद्य सामग्री के प्रति कोई चुनिंदा रुख नहीं अपनाया गया है. यह सलाह भारत की समृद्ध स्ट्रीट फ.ूड संस्कृति को लक्षित नहीं करती है.” स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों, विभागों और स्वायत्त निकायों से आग्रह किया है कि वे समोसा, कचौड़ी, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज. और वड़ापाव समेत अन्य खाद्य सामग्री में चीनी और तेल की मात्रा का उल्लेख करते हुए “तेल और चीनी बोर्ड” प्रर्दिशत करें ताकि स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा दिया जा सके तथा मोटापे और गैर-संचारी रोगों से निपटा जा सके.
मंत्रालय ने मोटापे से मुकाबले के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी आधिकारिक स्टेशनरी जैसे लेटरहेड, लिफाफे, नोटपैड, फ.ोल्डर पर स्वास्थ्य संदेश मुद्रित करने का भी आह्वान किया है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu