भुवनेश्वर. अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने बालासोर जिले में कॉलेज छात्रा की मौत के मामले में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के इस्तीफे की मांग करते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में मणिपुर की तरह राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए. फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज की बी.एड. द्वितीय वर्ष की छात्रा ने तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद सोमवार रात एम्स-भुवनेश्वर में दम तोड़ दिया.
छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोपी एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी. पीड़िता के परिवार से मिलने राज्य पहुंचीं लांबा ने आरोप लगाया कि ओडिशा में व्यवस्था की विफलता के कारण छात्रा की मौत हुई.
उन्होंने कहा, ”चूंकि मुख्यमंत्री व्यवस्था के मुखिया हैं, इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए.” कांग्रेस नेता ने दावा किया, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व में खुद राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी और आरोप लगाया था कि राज्य में महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी और आगामी लोकसभा सत्र के दौरान ओडिशा में भी इसकी मांग की जाएगी.
लांबा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को सरकार चलाने का कोई अनुभव नहीं है और वह एक साल में ”विफल” साबित हो गए हैं. उन्होंने दावा किया कि पीड़िता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र शाखा एबीवीपी से जुड़ी थी. लांबा ने कहा, ”कम से कम प्रधानमंत्री को उड़िया में एक ट्वीट करके पीड़िता को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी और उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी.” इस बीच, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत पात्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास का घेराव करने के लिए एक विरोध मार्च निकाला तथा माझी और उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री छात्रा को न्याय दिलाने में विफल रहे.
युवा कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ”चूंकि मुख्यमंत्री गहरी नींद में हैं, इसलिए हम उन्हें जगाने और छात्रा को न्याय दिलाने के लिए यहां आए हैं.” छात्रा की मौत के लिए मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए पात्रा ने उनके इस्तीफे की मांग की.
वहीं, बृहस्पतिवार के बंद के आ”ान के बारे में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयदेव जेना ने कहा कि पूरे राज्य में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से ‘बंद’ रखा जाएगा. भाकपा, भाकपा (माले), राजद, सपा और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक जैसे आठ राजनीतिक दलों ने कांग्रेस द्वारा बुलाए गए बंद को अपना समर्थन दिया है.