इस्लामाबाद/लाहौर. पाकिस्तान के शीर्ष असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच हाल में हुई बैठक ने एक बार फिर देश के राजनीतिक परिदृश्य में संभावित बदलाव की अफवाहों को हवा दे दी है तथा ऐसी अटकलें हैं कि सेना प्रमुख संभवत? अगला राष्ट्रपति बनने की आकांक्षा रखते हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पिछले सप्ताह इन अफवाहों को खारिज कर दिया था कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनका पदभार ग्रहण करेंगे.
‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार इस संबंध में अफवाहों का यह नया दौर तब शुरू हुआ जब फील्ड मार्शल मुनीर ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास पर शरीफ से मुलाकात की, जिसके कुछ ही देर बाद शरीफ ने राष्ट्रपति भवन में जरदारी से मुलाकात की. खबर के अनुसार उच्च स्तरीय बैठकें संभावित 27वें संविधान संशोधन के बारे में बढ़ती अटकलों के बीच हुई हैं कि जरदारी अपने उत्तराधिकारी के लिए रास्ता बनाने के वास्ते पद छोड़ सकते हैं.
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अटकलें ”निराधार” हैं, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि राष्ट्रपति के इस्तीफे और सेना प्रमुख द्वारा उनके स्थान पर संभावित नियुक्ति के बारे में मीडिया रिपोर्टों का मुद्दा वास्तव में जरदारी और शरीफ के बीच बैठक के दौरान उठा था.
इससे पहले शरीफ ने 11 जुलाई को उन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया था कि जरदारी को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है और मुनीर राष्ट्रपति पद संभालने की आकांक्षा रखते हैं. शरीफ ने कहा था कि ऐसे दावे महज अटकलें हैं.
शरीफ ने ‘द न्यूज’ से कहा था, ”फील्ड मार्शल मुनीर ने कभी भी राष्ट्रपति बनने की इच्छा नहीं जताई है और न ही ऐसी कोई योजना है.” शरीफ के इस स्पष्टीकरण से पहले गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने 10 जुलाई को ‘एक्स’ पर एक बयान में जरदारी, शरीफ और मुनीर को निशाना बनाकर चलाए जा रहे ”दुर्भावनापूर्ण अभियान” की निंदा की थी.
शीर्ष सैन्य नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले नकवी ने कहा था, ”हम अच्छी तरह से जानते हैं कि इस दुर्भावनापूर्ण अभियान के पीछे कौन है.” देश की सत्ता और राजनीतिक संरचना में संभावित बदलाव के बारे में तीव्र अटकलों के बीच रक्षा मंत्री ने बुधवार को सभी अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया और कहा कि जरदारी को घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी गई है और उन्होंने सरकार और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था में ”पूर्ण विश्वास” दिखाया है.
आसिफ ने ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ से कहा, ”राष्ट्रपति इस मुद्दे से पूरी तरह अवगत थे और उन्होंने सरकार पर पूरा भरोसा जताया.” उन्होंने कहा शरीफ ने जरदारी को इस अपुष्ट खबर और उसके बाद के घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी. आसिफ ने इस बात की पुष्टि की प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के जरदारी से मिलने से पहले शरीफ ने फील्ड मार्शल के साथ बैठक की थी. उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए नियमित रूप से सप्ताह में तीन बार मिलते हैं.
आसिफ ने दावा किया, ”सेना प्रमुख की राजनीति में कोई रुचि नहीं है.” रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना प्रमुख पहले से ही सेना में सर्वोच्च पद पर हैं और भारत के साथ पाकिस्तान के हाल के संघर्ष के बाद उन्हें काफी सम्मान मिला है. आसिफ ने कहा, ”उन्हें (फील्ड मार्शल) किसी चीज की जरूरत नहीं है.” मंत्री ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख दलों पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच मतभेद है, क्योंकि आरक्षित सीटों के मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद नेशनल असेंबली में पीएमएल-एन सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. उन्होंने कहा, ”हम एकजुट रहेंगे.”
अगर मुझे कुछ हुआ तो सेनाध्यक्ष असीम मुनीर जिम्मेदार होंगे : इमरान खान
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को अपनी पार्टी के सदस्यों से कहा कि यदि जेल में उनके साथ कोई भी अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार सेनाध्यक्ष प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर होंगे. क्रिकेटर से नेता बने 72 वर्षीय खान कई मामलों में अगस्त 2023 से जेल में हैं. खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान पर खान को रिहा करने के लिए दबाव बनाने के लिए पांच अगस्त से पूरे देश में एक बड़े अभियान की शुरुआत करने की तैयारी कर रही है.
खान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हाल के दिनों में, जेल में मेरे साथ होने वाला कठोर व्यवहार और भी बढ़ गया है. यही रवैया मेरी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ भी अपनाया जा रहा है. यहां तक कि उनकी कोठरी का टीवी भी बंद कर दिया गया है. हम दोनों के सभी बुनियादी अधिकार चाहे वे मानवीय हों या कैदियों को दी गई कानूनी निलंबित कर दिए गए हैं.” खान ने कहा कि ”इसके लिए जवाबदेही होनी चाहिए.”उन्होंने दावा किया कि वह पूरी तरह से जानते हैं कि एक कर्नल और जेल अधीक्षक ”असीम मुनीर के आदेश पर” कार्रवाई कर रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ”इसलिए मैं अपनी पार्टी को स्पष्ट निर्देश देता हूं कि अगर जेल में मेरे साथ कुछ भी होता है तो असीम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”मैं अपनी पूरी जिंदगी जेल में बिताने को तैयार हूं, लेकिन अत्याचार और दमन के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता. पाकिस्तान की जनता के लिए मेरा संदेश एक ही है – किसी भी हालत में इस दमनकारी व्यवस्था के आगे न झुकें.” खान ने दोहराया और कहा कि बातचीत का समय बीत चुका है – अब देशव्यापी विरोध का समय है.
खान ने कहा कि यहां तक कि दोषी ठहराए गए हत्यारों और आतंकवादियों को भी उनसे बेहतर स्थिति में रखा जाता है. उन्होंने एक सैन्य कर्मी का नाम लेते हुए कहा कि उसे ”जेल में वीआईपी सुविधा दी जा रही है.” पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और संघीय गृह मंत्री मोहसिन नकवी की आलोचना करते हुए खान ने कहा कि दोनों ने पिछले दो वर्षों से पंजाब के लोगों पर अत्याचार और फासीवाद का माहौल बना रखा है. खान की बहन अलीमा खान ने भी संवाददाताओं को बताया कि इमरान खान ने पीटीआई के सदस्यों को संदेश दिया है कि अगर जेल में उनके साथ कुछ भी होता है तो जनरल असीम मुनीर को उसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाए.