जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में रातभर हुई भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में एक सरकारी स्कूल आ गया. इस घटना में एक छात्र की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने छात्र की मौत पर शोक प्रकट किया. अधिकारियों ने बताया कि बैंछ-कलसां इलाके में स्थित प्राथमिक विद्यालय की टिन की छत पर एक बड़ा पत्थर आ गिरा, जिससे कई छात्र घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि एक छात्र एहसान अली (पांच) की मौत हो गई.
उन्होंने बताया कि इस घटना में चार छात्र मोहम्मद सफीर (सात), बिलाल फारूक (आठ), आफताब अहमद (सात) और तोबिया कौसर (सात) तथा एक शिक्षक घायल हो गए, जिनका पुंछ के राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है. शिक्षक को मामूली चोटें आई हैं. उपराज्यपाल सिन्हा ने ‘एक्स’ पर छात्र की मौत पर शोक व्यक्त किया.
उन्होंने कहा, ”पुंछ के कलसां स्थित प्राथमिक विद्यालय में बड़ा पत्थर गिरने से पांच वर्षीय छात्र की मृत्यु की खबर हृदयविदारक है. ईश्वर शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें. मैं घायल विद्यार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.” मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासन को घायलों का उचित उपचार सुनिश्चित करने और घटना की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं.
अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुंछ के उपायुक्त विकास कुंडल ने जिला अस्पताल का दौरा किया और घायलों तथा उनके परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने चिकित्सा दल को विद्यार्थियों को बेहतर उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए.
अधिकारियों के अनुसार, तत्काल राहत के तौर पर कुंडल ने ‘रेड क्रॉस’ निधि के तहत एहसान अली के परिवार को एक लाख रुपये और घायल बच्चों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की. उन्होंने बच्चों के परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया.
जम्मू कश्मीर के रियासी में वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन, तीर्थयात्री की मौत
जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले पुराने मार्ग पर सोमवार को हुए भीषण भूस्खलन में 70 वर्षीय एक तीर्थयात्री की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि कटरा शहर में हुई तेज बारिश से भूस्खलन हुआ, जिसकी वजह से एक बुकिंग कार्यालय और उसके ऊपर बना लोहे का ढांचा ढह गया. भूस्खलन के बाद एहतियात के तौर पर यात्रा कई घंटों तक स्थगित रही.
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीर्थयात्री की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. यह घटना सुबह लगभग साढ़े आठ बजे बाणगंगा के पास ‘गुलशन का लंगर’ में हुई. यह यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है. भूस्खलन के कारण तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और सात अन्य को मामूली चोटें आईं. माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने संवाददाताओं को बताया कि सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया है.
वैश्य ने कहा कि बचाव और मलबा हटाने का कार्य जारी है.
गंभीर रूप से घायल चेन्नई निवासी उप्पन श्रीवास्तव (70), उनकी पत्नी के राधा (66) और हरियाणा निवासी राजिंदर भल्ला (70) को नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसमें से श्रीवास्तव की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की लीला रायकवार (56) का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा में इलाज हो रहा है.
उपराज्यपाल सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में हुए दुखद भूस्खलन की घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है, जिसमें दुर्भाग्यवश एक श्रद्धालु की जान चली गई. श्राइन बोर्ड को घायल श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है. मैं स्थिति पर लगातार नजर रख रहा हूं.” अब्दुल्ला ने यात्रा मार्ग में भूस्खलन की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र निवासी सुरेश कुमार (66) और दो स्थानीय लोगों-निखिल ठाकुर (26) और विक्की शर्मा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.