‘लव जिहाद’ मामले में जेल में बंद पार्षद की सदस्यता खत्म, चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 10 Nov 2025 08:13 PM
‘लव जिहाद’ मामले में जेल में बंद पार्षद की सदस्यता खत्म, चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित
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इंदौर. इंदौर के एक प्रशासनिक अधिकारी की अदालत ने ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में जेल में बंद कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की सदस्यता सोमवार को समाप्त कर दी और उन्हें अगले पांच साल के लिए नगर निगम का चुनाव लड़ने के वास्ते अयोग्य भी घोषित कर दिया. ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए उन्हें प्रेम के जाल में फंसाते हैं.

शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 20 जून को इंदौर संभाग के आयुक्त कार्यालय को पत्र लिखकर कादरी के खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों का हवाला दिया था और उन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत वॉर्ड क्रमांक 58 के पार्षद पद से हटाए जाने का अनुरोध किया था.

उधर, कादरी की पत्नी जुलेखा ने अपने पति को बेगुनाह बताते हुए संभाग आयुक्त अदालत में जवाब पेश किया था कि कांग्रेस पार्षद के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं और ‘राजनीतिक विद्वेष की वजह से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है.’ इंदौर संभाग के आयुक्त सुदाम खाड़े की अदालत ने इस मामले में रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर गौर करने के बाद फैसला सुनाया.

उन्होंने फैसले में कहा,”मैं मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19 (एक) (अ) के तहत पाता हूं कि प्रतिप्रार्थी कादरी का पार्षद बने रहना सार्वजनिक हित और नगर निगम के हित में वांछनीय नहीं है. अत? प्रतिपार्थी कादरी को इंदौर नगर निगम के पार्षद पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाता है और अधिनियम की धारा 23 के तहत आगामी पांच वर्ष के लिए (नगर निगम का) चुनाव लड़ने के वास्ते अयोग्य घोषित किया जाता है.” इससे पहले, इंदौर नगर निगम के नौ अक्टूबर को आयोजित परिषद सम्मेलन के दौरान दो तिहाई बहुमत के आधार पर कादरी की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया था.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में करीब ढाई महीने फरार रहने के बाद कादरी ने 29 अगस्त को जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था और औपचारिक गिरफ्तारी के बाद फिलहाल वह न्यायिक हिरासत के तहत शहर के केंद्रीय जेल में बंद हैं.

अधिकारी ने बताया कि शहर के दो युवकों-साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून के दौरान पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया था कि युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरित कराने के लिए उन्हें कादरी ने कुल तीन लाख रुपये दिए थे और यह रकम उन्होंने युवतियों पर खर्च की थी.

अधिकारी के मुताबिक दोनों युवकों को अलग-अलग मामलों में दो युवतियों से दुष्कर्म और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने बताया कि दोनों युवकों के बयान के आधार पर कादरी के खिलाफ धन के बल पर धर्मांतरण की साजिश में शामिल होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद वह फरार हो गए थे.

अधिकारी ने बताया कि कादरी की गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और उन पर सख्त प्रावधानों वाला राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) भी लगा दिया गया था. अधिकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता के खिलाफ इंदौर और उज्जैन के अलग-अलग थानों में कुल 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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