दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि फिल्म ‘दूसरा’ प्रथम दृष्टया क्रिकेटर सौरव गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती है, लेकिन इस फिल्म के सिनेमाघरों में प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। यह फिल्म पिछले महीने रिलीज हुई थी।
न्यायमूर्ति तेजस कारिया ने हालांकि फिल्म निर्माताओं को फिल्म में उचित अस्वीकरण (डिस्क्लेमर) जोड़ने और दो करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया।
न्यायाधीश ने कहा कि फिल्म केवल ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रण तक सीमित नहीं है और प्रतिवादियों ने प्रथम दृष्टया गांगुली की पहचान और व्यक्तित्व का व्यावसायिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया है। अदालत ने गांगुली और लव फिल्म्स एलएलपी की ओर से दायर मुकदमे पर यह अंतरिम आदेश पारित किया। लव फिल्म्स एलएलपी पूर्व क्रिकेट कप्तान की बायोपिक बना रही है।
उच्च न्यायालय ने 23 अक्टूबर को फिल्म ‘दूसरा’ के निर्माताओं से गांगुली की उस याचिका पर जवाब मांगा था, जिसमें उन्होंने फिल्म में अपने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। अदालत ने निर्माताओं से फिल्म की स्क्रींिनग की व्यवस्था करने को भी कहा था।
उच्च न्यायालय ने 22 अक्टूबर को गांगुली की याचिका पर फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज होने से रोकने से इनकार कर दिया था।
अभिनय देव के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्लबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।
यह फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।