नयी दिल्ली. लोकसभा में तख्तियां दिखाने और सदन की अवमानना करने को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस के तीन सदस्यों- दीपक बैज, डीके सुरेश और नकुल नाथ को संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही लोकसभा के निलंबित विपक्षी सदस्यों की संख्या 100 हो गयी और दोनों सदनों को मिलाकर यह आंकड़ा 146 पर पहुंच गया.
निचले सदन से निलंबित कुल 100 सदस्यों में से 97 को मौजूदा शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया है, जबकि तीन सांसदों का निलंबन विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक जारी रहेगा. निचले सदन में गत सप्ताह बृहस्पतिवार को 13 सदस्य, इस सप्ताह सोमवार को 33, मंगलवार को 49 और बुधवार को दो विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था.
सदन में ‘प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक, 2023’ पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दीपक बैज, डीके सुरेश और नकुल नाथ को सदन की अवमानना करने के मामले में निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभा ने ध्वनिमत से मंजूर कर लिया.
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज प्रश्नकाल समाप्त होते ही तीनों सदस्यों का नाम लेते हुए कहा, ”आप बार-बार सदन की कार्रवाई बाधित कर रहे हैं, तख्तियां दिखा रहे हैं, नारेबाजी कर रहे हैं और कागज फाड़कर लोकसभा र्किमयों पर फेंक रहे हैं. यह सदन की मर्यादा के विरुद्ध है.” उन्होंने नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ”मैं कभी बिना कारण के किसी सदस्य को निलंबित नहीं करना चाहता. आपको जनता ने चुना है. आपको अधिकार है यहां चर्चा करने का और अपनी बात रखने का. आप लोग अपनी सीट पर जाइए, मैं आपको शून्यकाल में आपकी बात रखने का अवसर दूंगा.”
बिरला ने कहा, ”विपक्षी सदस्य अपनी सीट से उठकर आते हैं और कहते हैं कि (हमें) निलंबित कर दीजिए.” उन्होंने कहा, ”यह तरीका सही है क्या? सदन की यही मर्यादा है क्या? (सदस्य) नियोजित तरीके से निलंबित करने की बात कर रहे हैं, यह सही नहीं है.” लोकसभा की कार्यवाही 22 दिसम्बर तक निर्धारित थी, लेकिन इसे एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.