जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों ने अजान देते समय सेवानिवृत्त एसएसपी की गोली मारकर हत्या की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 24 Dec 2023 09:58 PM
जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों ने अजान देते समय सेवानिवृत्त एसएसपी की गोली मारकर हत्या की
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में रविवार को आतंकवादियों ने एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब वह एक मस्जिद में अजान दे रहे थे. वह एक स्थानीय ‘मुअज्जिन’ थे. पुलिस ने यह जानकारी दी.
मोहम्मद शफी मीर की हत्या से पहले के क्षणों को याद करते हुए उनके चचेरे भाई मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि ‘फज्र’ (सूरज निकलने के पहले) की नमाज के लिए लाउडस्पीकर से अजान दी जा रही थी, तभी वह अचानक बंद हो गई. उन्होंने बताया कि मीर के आखिरी शब्द ”रहम” थे. घटना के समय मुस्तफा घर पर ही थे.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मीर 2012 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. उन्होंने कहा कि शीरी इलाके के गंतमुल्ला इलाके में मस्जिद के अंदर आतंकवादियों ने मीर की गोली मारकर हत्या कर दी. कश्मीर जोन पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आतंकवादियों ने गंतमुल्ला, शीरी बारामूला में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद शफी मीर पर मस्जिद में अजान देते समय गोलियां चलाईं जिससे उनकी मौत हो गई.” अधिकारियों ने कहा कि पुलिस निजी दुश्मनी के पहलू पर भी गौर कर रही है क्योंकि मीर को .12 बोर की बंदूक से गोली मारी गई.

मीर के परिवार के सदस्यों ने कहा कि वह स्थानीय ‘मुअज्जिन’ बन गए थे और वह मस्जिद में अपने कर्तव्यों के प्रति सर्मिपत थे. ‘मुअज्जिन’ उसे कहते हैं जो अजान (नमाज के लिए लोगों को आवाज देना) देता है. घटना के बाद मीर के घर और मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए. मीर के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है.

मुस्तफा ने पत्रकारों से कहा, ”वह (मीर) मेरे चचेरे भाई थे. वह हर दिन अजान देते थे. आज सुबह जब मैं हमेशा की तरह कुरान पढ. रहा था, तो उन्होंने अजान शुरू कर दी, इसलिए मैंने कुरान बंद कर दी.” मुस्तफा ने कहा, ”उन्होंने ‘अशहदु अन्ना मोहम्मदु रसूल-अल्लाह’ कहा और फिर अजान बंद हो गई. मैंने केवल जोर से ‘रहम’ की आवाज सुनी. यह भारी आवाज में थी.” मुस्तफा ने कहा कि उन्हें लगा कि मीर ने किसी अन्य कारण से अपना फोन बंद कर दिया होगा और अनुमान लगाया कि वह चक्कर आने के कारण गिर गए होंगे. मुस्तफा ने कहा कि लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें गोली मारी गई है.

मीर के कुछ रिश्तेदारों ने दावा किया कि उन्हें चार गोलियां मारी गई थीं. मीर के छोटे भाई अब्दुल करीम ने कहा कि वह सो रहे थे, लेकिन आवाज सुनकर जाग गए पर सोचा कि माइक्रोफोन में समस्या के कारण ऐसा हुआ होगा. उन्होंने कहा, ”मेरी बहू ने बताया कि उसने लोगों के रोने की आवाज सुनी है….”

करीम ने कहा, ”मीर हर दिन अजान देते थे. मुझे लगता है कि यह एक साजिश है क्योंकि इमाम साहब शनिवार को घर जाते हैं और रविवार को लौटते हैं.” जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवादी हमले की निंदा की और मीर के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की. उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” मस्जिद में नमाज के लिए अजान देते समय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी शफी मीर पर हुआ आतंकी हमला बेहद दुखद है . इस बर्बर कृत्य के लिए जिम्मेदार कायरों को बख्शा नहीं जाएगा. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं.” राजनीतिक दलों ने हत्या की निंदा की और पूर्व पुलिस अधिकारी के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि हिंसा को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बारामूला की दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है, जहां सेवानिवृत्त एसपी मोहम्मद शफी मीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई.” पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केंद्र द्वारा प्रचारित सामान्य स्थिति के दिखावे को बनाए रखने की कीमत निर्दोष लोगों को चुकानी पड़ रही है.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आतंकवादी हमले में पांच जवान शहीद हो गए, सेना द्वारा हिरासत में तीन निर्दोष नागरिकों को यातनाएं देकर मार डाला गया, कई अब भी अस्पतालों में अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब एक सेवानिवृत्त एसपी की हत्या कर दी गई….” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कृत्य को कायरतापूर्ण बताया और कहा कि आतंक तथा आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता.

कश्मीर में भाजपा के प्रवक्ता अलताफ ठाकुर ने कहा, ”जिनका कोई धर्म नहीं है उन लोगों ने 72 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की हत्या का कायरतापूर्ण कृत्य किया. शैतानी ताकतें ‘अजान’ भी बर्दाश्त नहीं कर सकतीं…आतंक और आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता. इस हत्या की कड़ी निंदा करता हूं, शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना और एकजुटता व्यक्त करता हूं.” डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार को आतंकवाद के खात्मे के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए.

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ”जम्मू-कश्मीर में बढ.ते आतंकवादी हमलों से चिंतित हूं. बारामूला में पूर्व एसएसपी मोहम्मद शफी मीर की हत्या निंदनीय है. तत्काल कार्रवाई की जरूरत है. सरकार को आतंकवाद के खात्मे और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए.” ‘जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी’ के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”बारामूला के गंतमुल्ला में सेवानिवृत्त एसएसपी मोहम्मद शफी मीर की कायरतापूर्ण हत्या की निंदा करता हूं. अत्यंत दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. दिवंगत आत्मा को शांति मिले.” उन्होंने कहा कि यह कायरतापूर्ण कृत्य हत्यारों के असली रंग को दिखाता है क्योंकि उन्हें अजान के समय गोली मारी गई थी.

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी हत्या की निंदा की. लोन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”एक और दुखद खबर. मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं मोहम्मद शफी साहब के परिवार के साथ हैं. अल्लाह उन्हें जन्नत दे…और आशा करता हूं कि जम्मू-कश्मीर पुलिस अपने सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानेगी. सुरक्षा खतरे का मूल्यांकन करना एक विज्ञान है और इसे पसंद, नापसंद और किसी की मर्जी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है.” मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने भी पूर्व पुलिसकर्मी की हत्या पर दुख व्यक्त किया. हुर्रियत ने शोक संतप्त परिवार के प्रति सहानुभूति और संवेदना व्यक्त की. मीर की हत्या ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है और अधिकारी दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए जांच कर रहे हैं.

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