नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का ‘सांप्रदायीकरण’ कर देश के युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया. ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत में हिंदू और मुसलमान, दोनों का डीएनए एक ही है. उन्होंने हिंदू युवाओं का आग्रह किया कि कोई भी हमलावर अयोध्या में राम मंदिर को नुकसान नहीं पहुंचा पाए, वे इसका संकल्प लें.
सिंह ओवैसी की उस कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए एआईएमआईएम ने मुस्लिम युवाओं से पूछा था कि क्या उन्हें यह दर्द महसूस नहीं होता कि ‘जिस जगह पर हम 500 साल तक बैठकर कुरान पढ.ते रहे, वह आज हमारे हाथ में नहीं है’.
उन्होंने कहा, “युवाओं, क्या आपको नहीं दिख रहा है कि तीन-चार और मस्जिदों को लेकर साजिश हो रही है, जिसमें दिल्ली की सुनहरी मस्जिद भी शामिल है? सालों की मेहनत के बाद आज हमने अपना मुकाम हासिल किया है…..” ओवैसी ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, ”ऐसा नहीं होना चाहिए कि हमारी मस्जिदें हमसे छीन ली जाएं….” इस कार्यक्रम का वीडियो उनकी पार्टी एआईएमआईएम ने सोमवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था.
पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ओवैसी पर राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सांप्रदायिक रंग देकर वही कर रहे हैं जो वह सबसे अच्छा करते हैं.” मालवीय ने कहा, “2020 में, सचिवालय बनाने के लिए हैदराबाद में दो मस्जिदों, मस्जिद-ए-मोहम्मदी और मस्जिद-ए-हाशमी को ध्वस्त कर दिया गया था लेकिन ओवैसी, जो शहर से संसद सदस्य हैं, ने एक शब्द नहीं कहा.” भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने ओवैसी की तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से की.
सिंह ने कहा, “1947 में जिन्ना 15 अगस्त को भारत छोड़कर चले गए लेकिन जिन्ना का भूत भारत में ही रहा और यह ओवैसी जैसे लोगों में घुस गया.” उन्होंनेने कहा, ”ओवैसी देश के युवाओं को भड़का रहे हैं कि आपकी मस्जिदें जा रही हैं.” भाजपा नेता ने कहा, “भगवान राम भारत की पहचान हैं…इस देश में बाबर की कोई औलाद नहीं है. हमारा डीएनए एक ही है. कोई धर्म परिवर्तन कर सकता है लेकिन हमारे पूर्वज वही हैं.” सिंह ने कहा कि भगवान राम सभी के हैं.
उन्होंने कहा, “यह भारत में पुनर्जागरण का दिन होगा. मैं हिंदू युवाओं से कहना चाहता हूं कि 22 जनवरी को मिट्टी के पांच दीपक जलाएं और संकल्प लें कि कोई गजनी, बाबर या औरंगजेब राम मंदिर की ओर देख भी नहीं सके और अगर वे ऐसा करते हैं तो महाराणा प्रताप की तरह उन्हें जवाब दें.”