हिंदू भावनाओं की अनदेखी कर रही है केरल कांग्रेस इकाई: के. सुरेंद्रन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 07 Jan 2024 08:10 PM
हिंदू भावनाओं की अनदेखी कर रही है केरल कांग्रेस इकाई: के. सुरेंद्रन
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तिरुवनंतपुरम. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के प्रमुख के. सुरेंद्रन ने कांग्रेस की राज्य इकाई पर 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के संबंध में किसी भी उत्सव की योजना नहीं बनाकर हिंदू भावनाओं की अनदेखी करने का रविवार को आरोप लगाया.

सुरेंद्रन ने दावा किया कि जब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और यहां तक कि कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की इकाइयां प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है और सवाल किया कि कांग्रेस की केरल इकाई इससे क्यों बच रही है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए सवाल किया, ”केरल में कांग्रेस पार्टी अलग रुख क्यों अपना रही है? क्या केरल में कांग्रेस का हिंदुओं की आस्था के प्रति कोई दायित्व नहीं है? क्या केरल में कांग्रेस हिंदुओं की भावनाओं की अवहेलना कर रही है?”

उन्होंने सवाल किया, ”क्या वे (कांग्रेस) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) या पीएफआई से डरते हैं? क्या समस्ता या अन्य धार्मिक संगठनों ने उन्हें (कांग्रेस को) इस अवसर का जश्न मनाने से रोका है?” सुरेंद्रन ने कहा कि आईयूएमएल ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह प्राण प्रतिष्ठा समारोह मनाने वाले किसी के भी खिलाफ नहीं हैं और उन्होंने कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल के साथ ही केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के सुधारकरन और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन से अपने सवालों के जवाब मांगें.

सुरेंद्रन ने सवाल किया, ”ये दोहरे मानदंड क्यों? कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ऐसा पाखंड क्यों?” उन्होंने कहा कि भाजपा इस अवसर पर केरल में आयोजित समारोहों में भाग लेगी और उसी के तहत राज्य के सभी मंदिरों में स्वच्छता गतिविधियां भी चलाएगी.
उच्चतम न्यायालय ने 2019 में एक ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर एक सरकारी ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया था और फैसला सुनाया था कि पवित्र हिंदू शहर में एक मस्जिद के लिए पांच एकड़ का वैकल्पिक भूखंड खोजा जाना चाहिए.

परिणामस्वरूप, पवित्र शहर में बन रहे भव्य राम मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए अयोध्या को सजाया जा रहा है, जो 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होगा. पारंपरिक नागर शैली में निर्मित राममंदिर परिसर की लंबाई 380 फुट (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फुट चौड़ाई और ऊंचाई 161 फुट होगी. मंदिर की प्रत्येक मंजिल 20 फुट ऊंची होगी और इसमें कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे.

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