तेज़ होती लड़ाई के बीच मध्य गाज़ा छोड़कर भाग रहे हैं फलस्तीनी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 08 Jan 2024 10:19 PM
तेज़ होती लड़ाई के बीच मध्य गाज़ा छोड़कर भाग रहे हैं फलस्तीनी
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दीर अल-बलाह (गाज़ा पट्टी). इज़राइली बलों और फलस्तीनी चरमपंथियों के बीच तेज़ होती लड़ाई के बीच मध्य गाज़ा के मुख्य अस्पताल से चिकित्साकर्मी, मरीज़ और विस्थापित उसे छोड़कर भाग रहे हैं. प्रत्यक्षर्दिशयों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
तीन महीने की जंग के दौरान इस अस्पताल का संचालन ठप होना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक और झटका है.

‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ और अन्य सहायता समूहों ने दीर अल बलाह में स्थित अल-अक्सा अस्पताल को बहुत खतरनाक बताकर हाल के दिनों में अपने कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया है. इससे वहां शरण ले रहे लोगों में दहशत फैल गई जिसके बाद हजारों लोग गाज़ा पट्टी के दक्षिणी हिस्से की ओर जाने लगे.

इज़राइल का कहना है कि उसने उत्तरी गाज़ा में मुख्य अभियानों को बड़े पैमाने पर पूरा कर लिया है और अब वह मध्य क्षेत्र और दक्षिणी शहर खान यूनिस पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. इज़राइली अधिकारियों ने कहा कि वह कई और महीने तक लड़ना जारी रखेंगे, क्योंकि सेना का मकसद हमास को खत्म करना और सात अक्टूबर के हमले के बाद चरमपंथी समूह द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाना है.

यह युद्ध दक्षिणी इज़राइल पर हमास के सात अक्टूबर के हमले से शुरू हुआ था जिसमें चरमपंथियों ने लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया था. इज़राइल के हमलों में अब तक 22 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे गए और गाज़ा पट्टी की 23 लाख की आबादी में से करीब 85 फीसदी विस्थापित हो गई है.

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इस हफ्ते फिर से मध्यपूर्व के दौरे पर हैं और क्षेत्र के अहम नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. अमेरिका ने इज़राइली हमले को अहम सैन्य और कूटनीतिक समर्थन प्रदान किया है. उसने इज़राइल से कहा है कि वह ऐसे उपाय करे जिससे आम लोगों को नुकसान न पहुंचे लेकिन उसने संघर्ष विराम की अंतरराष्ट्रीय मांग को खारिज किया है. वहीं, गाज़ा के अस्पतालों में हज़ारों लोगों ने शरण ली हुई है. अस्पताल भी इज़राइली हमलों में ज़ख्मी होने वाले लोगों का इलाज करने के लिए मशक्कत कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यालय के मुताबिक, गाज़ा के 36 में से सिर्फ 13 अस्पताल आंशिक रूप से संचालित हो रहे हैं.
अल-अक्सा अस्पताल के कर्मचारी उमर अल-दरावी ने कहा कि अस्पताल पर हाल के दिनों में कई बार हमला किया गया था. उन्होंने कहा कि सहायता समूहों के कर्मचारियों के जाने के बाद हज़ारों लोग चले गए और मरीज़ों को एक ही मंजिल पर रखा गया है ताकि अस्पताल में रूके डॉक्टर उनका इलाज कर सकें.

उन्होंने कहा कि अस्पताल में बड़ी संख्या में घायल मरीज़ हैं जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं और उन्हें खास देखभाल की ज़रूरत है जो यहां उपलब्ध नहीं हो पा रही है. हवाई हमलों के बाद इज़राइली बलों के मध्य गाज़ा में आगे बढ.ने के बीच हर दिन अस्पतालों में मृतकों और घायलों को लाया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि बीते 24 घंटे में 73 शव और 99 घायलों को अस्पताल में लाया गया है.

वहीं, उत्तर गाज़ा में स्थिति और भी ज्यादा बदतर है जिसे इज़राइली बलों ने अक्टूबर के अंत में शेष क्षेत्र से काट दिया था. समूचे इलाके को ध्वस्त कर दिया गया है और हज़ारों लोग अपना घर छोड़कर पहले ही जा चुके हैं जबकि जो लोग क्षेत्र में रह गए हैं, वे खाने और पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार देर रात कहा कि वह 12 दिनों से उत्तरी गाज़ा में आवश्यक आपूर्ति नहीं पहुंचा सका है.

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